अवैध बालू कारोबार पर भड़के बाबूलाल मरांडी: बोले- “NGT की रोक के बावजूद किसके संरक्षण में दौड़ रहे बिना नंबर प्लेट के ट्रक?”

रांची | 02 अगस्त: झारखंड में जारी कथित अवैध बालू खनन और परिवहन को लेकर राजनीति गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की सख्त रोक के बावजूद राज्य में आखिर किसके संरक्षण में नदियों से बालू का अवैध उठाव जारी है?
रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट साझा करते हुए मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस पूरे मामले में तुरंत कड़ा संज्ञान लेने और प्रभावी कार्रवाई करने की माँग की।
📌 “आम जनता के लिए चालान, बालू माफिया के लिए छूट क्यों?”
बाबूलाल मरांडी ने ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की दोहरी नीति पर सवाल उठाते हुए कहा:
- बिना नंबर प्लेट दौड़ रहे ट्रक: मॉनसून के दौरान बालू उठाव पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बावजूद रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में बिना नंबर प्लेट और बिना वैध कागजात के बालू लदे भारी वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
- कानून में दोहरा रवैया: जब ट्रैफिक नियमों का मामूली उल्लंघन करने पर आम नागरिकों की बाइक और कार का हाई-टेक कैमरों से चालान कट जाता है, तो इन अवैध ट्रकों पर पुलिस और प्रशासन की नज़र क्यों नहीं पड़ती? क्या राज्य में कानून केवल आम जनता के लिए है?
“जब आम लोगों की गाड़ियों का कैमरों से तुरंत चालान काटा जा सकता है, तो बिना नंबर प्लेट खुलेआम घूम रहे बालू लदे ट्रकों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? किसके इशारे पर यह सब चल रहा है?”
— बाबूलाल मरांडी, नेता प्रतिपक्ष⚠️ पर्यावरण और राजस्व दोनों को भारी नुकसान
नेता प्रतिपक्ष ने अवैध बालू खनन से होने वाले गंभीर परिणामों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा:
- पर्यावरण का विनाश: नदियों से अंधाधुंध बालू उठाने से उनकी प्राकृतिक संरचना नष्ट हो रही है और भूजल स्तर (Groundwater level) तेज़ी से गिर रहा है।
- सरकारी राजस्व की चोरी: इस अवैध खेल के कारण सरकार को हर दिन लाखों-करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है।
सीएम सोरेन से त्वरित कार्रवाई की माँग
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे बालू के इस अवैध कारोबार पर तुरंत नकेल कसें, ताकि राज्य के राजस्व की रक्षा हो सके और नदियों व पर्यावरण को पहुँच रहे दीर्घकालिक नुकसान को रोका जा सके।
