पॉक्सो अधिनियम पर जागरूकता शिविर आयोजित
खूंटी , 30 जून । जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) की ओर से मंगलवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी), कलामाटी में “सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य” विषय पर पॉक्सो अधिनियम, 2012 से संबंधित जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डीएलएसए, खूंटी रसिकेश कुमार के मार्गदर्शन में 90 दिवसीय सघन विधिक जागरूकता और प्रसार अभियान के तहत आयोजित हुआ। शिविर में कई छात्राओं ने भाग लिया।
मुख्य विधिक सहायता प्रतिरक्षा परामर्शी (एलएडीसी) राजीव कमल ने छात्राओं को भारतीय संविधान के बाल संरक्षण संबंधी प्रावधानों, संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अभिसमय और पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पॉक्सो मामलों में पुलिस की जिम्मेदारी है कि तत्काल प्राथमिकी दर्ज करे, पीड़ित का चिकित्सीय परीक्षण कराए, बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करे और आवश्यक मनोसामाजिक सहायता उपलब्ध कराए।
उन्होंने छात्राओं को अच्छा स्पर्श और बुरा स्पर्श की पहचान, साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और सेक्सटॉर्शन जैसे नए खतरों से सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही बताया कि पॉक्सो पीड़ित की पहचान गोपनीय रखना कानूनन अनिवार्य है और इसका उल्लंघन दंडनीय अपराध है। कार्यक्रम में पीड़ित प्रतिकर योजना की भी जानकारी दी गई।
सहायक प्रीतिवन्ती मेरी मुण्डरी ने पॉक्सो नियमावली, 2020 के तहत अपनी भूमिका और पीड़ित बच्चों को मिलने वाली सहायता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से किसी भी आपात स्थिति में बेझिझक संपर्क करने का आग्रह किया और अपना संपर्क नंबर भी साझा किया।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को नालसा हेल्पलाइन 15100 तथा डीएलएसए, खूंटी के फ्रंट ऑफिस के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई।
