एम्बुलेंस विवाद पर सियासी तकरार तेज, इरफान अंसारी का बाबूलाल मरांडी पर पलटवार

रांची : झारखंड की राजनीति में एम्बुलेंस खराब होने से महिला मरीज की मौत के मामले ने सियासी माहौल गरमा दिया है। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा सोशल मीडिया पर उठाए गए सवालों पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे बाबूलाल मरांडी के बयानों को गंभीरता से नहीं लेते।
एम्बुलेंस खराब होने से महिला मरीज की मौत का मामला
दरअसल, मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा में स्वास्थ्य विभाग की एक एम्बुलेंस अचानक खराब हो गई थी। बताया गया कि एम्बुलेंस को ठीक करने में काफी समय लग गया, जिससे उसमें ले जाई जा रही एक महिला मरीज की समय पर इलाज नहीं हो सका और उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर बाबूलाल मरांडी ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट कर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों को जर्जर एम्बुलेंस के भरोसे छोड़ दिया गया है, जो गंभीर लापरवाही और संवेदनहीनता का उदाहरण है।
“बाबूलाल जी का काम ट्वीट करना है” – इरफान अंसारी
बोकारो दौरे पर मीडिया से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि उन्हें इस घटना की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन बाबूलाल मरांडी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “मैंने कई लोगों की जान बचाई है, लेकिन बाबूलाल जी को वह नहीं दिखता। उनका काम ही ट्वीट करना है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर कोई मशीन खराब हो जाती है तो उसे मुद्दा बना दिया जाता है।”
“एम्बुलेंस पुरानी है, नई व्यवस्था जल्द होगी”
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि संबंधित एम्बुलेंस काफी पुरानी हो चुकी थी और उसे मेंटेनेंस की जरूरत है। उन्होंने कहा, “मशीन है तो खराब भी हो सकती है। जल्द ही नया टेंडर जारी कर व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा। राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार मजबूत की जा रही हैं।”
स्वास्थ्य व्यवस्था पर आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस घटना के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर घेरा है, जबकि सरकार ने अपनी व्यवस्था का बचाव किया है। महिला मरीज की मौत के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह विवाद केवल बयानबाजी तक सीमित रहता है या स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं।
