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रैयतों के हक की लड़ाई लेकर राज्यपाल के पास पहुंचीं अंबा प्रसाद

राज्यपाल

Ranchi : झारखंड में बिगड़ती प्रशासनिक व्यवस्था, विस्थापन और बड़े उद्योगों द्वारा रैयतों के शोषण को लेकर पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने राज्यपाल से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। अंबा प्रसाद ने आरोप लगाया कि भारत रत्न और महारत्न कंपनियों के नाम पर एनटीपीसी, सीसीएल जैसी बड़ी कंपनियां रैयतों का खुलेआम शोषण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की मिलीभगत से रैयतों को जबरदस्ती काम कराया जा रहा है।

पूर्व विधायक ने बताया कि रैयतों को न तो उचित मुआवजा दिया जा रहा है और न ही पुनर्वास की कोई व्यवस्था है। रोजगार के मामले में भी लोगों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। जो लोग अपने हक की मांग करते हैं, उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोजाना 15 से 30 लोग जेल जा रहे हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है।

अंबा प्रसाद ने कहा कि एफआईआर की जांच से यह स्पष्ट होता है कि यह पूरी प्रक्रिया पहले से तय स्क्रिप्ट के अनुसार चल रही है, ताकि लोगों की आवाज दबाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस अन्याय को सहन नहीं करेंगे और न्यायालय व धरातल दोनों जगह इसकी लड़ाई लड़ेंगे।

पूर्व विधायक ने बताया कि ज्ञापन राज्य में चल रहे शोषण और विस्थापन की वास्तविक स्थिति को सामने लाने के उद्देश्य से राज्यपाल को सौंपा गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “आज माननीय पूर्व मंत्री श्री योगेंद्र साव जी के नेतृत्व में भू-रैयतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें बड़कागाँव, केरेडारी और आसपास के क्षेत्रों में व्याप्त गंभीर संकट से अवगत कराया।”

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