सोमा मुंडा हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
खूंटी, 07 मार्च । जिले के चर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड को लेकर आदिवासी समन्वय समिति ने झारखंड सरकार के नाम उपायुक्त खूंटी के माध्यम से मांग पत्र शनिवार को सौंपा। समिति ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने सहित कुल आठ प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखी हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि 7 जनवरी 2026 को एदेल संगा पड़हा के पड़हा राजा सोमा मुंडा की खूंटी से हुटार के चलागी स्थित अपने घर लौटने के दौरान अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना से आदिवासी स्वशासन व्यवस्था से जुड़े सामाजिक और राजनीतिक अगुवाओं के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की जनता को गहरा आघात पहुंचा है।
घटना के बाद जिले में भारी आक्रोश देखने को मिला था। आक्रोशित लोगों ने सोमा मुंडा के पार्थिव शरीर को खूंटी के भगत सिंह चौक में रखकर विरोध प्रदर्शन किया था और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। उस समय भी उपायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को मांग पत्र सौंपा गया था।
समिति का कहना है कि अब तक प्रशासन की कार्रवाई से लोग संतुष्ट नहीं हैं। आरोप है कि मामले में उचित कार्रवाई के बजाय इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए समिति ने पुनः स्मार पत्र देकर न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग की है।
समिति ने हत्याकांड की सीबीआई या स्वतंत्र एजेंसी से जांच, सभी आरोपितों की गिरफ्तारी, मृतक के परिजनों को 05 करोड़ रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है। इसके अलावा सोमा मुंडा को शहीद का दर्जा देने, उनके नाम पर हुटार चौक का नामकरण करने और आदिवासी नेताओं को सुरक्षा देने की भी मांग की गई है।
मौके पर आदिवासी समन्वय समिति के केंद्रीय संयोजक मार्शल बारला, दुर्गावती ओडया, संरक्षक दामु मुंडा, चुनकू मुंडा, फ्रेंकलिन धान, मंगल सिंह मुंडा, खूंटी जिला अध्यक्ष चंद्रप्रभात मुंडा, उपाध्यक्ष सुरजु हस्सा, जैक जॉन हमसोय सहित समिति के अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।
