कांके में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर भव्य संगोष्ठी आयोजित
रांची। 21 फरवरी 2026 को गवर्नमेंट टीचर्स’ ट्रेनिंग कॉलेज, कांके में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर “Promoting Linguistic Diversity and Multilingual Education to Foster Cultural Heritage” विषय पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे हुआ, जिसमें शिक्षकों, प्रशिक्षु शिक्षकों एवं शिक्षाविदों की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रमण कुमार झा, प्रभारी प्राचार्य, ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और विचारधारा की आत्मा है। उन्होंने कहा कि बहुभाषिक शिक्षा शिक्षकों को अधिक संवेदनशील, समावेशी और प्रभावी बनाती है तथा शिक्षक प्रशिक्षण में मातृभाषा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य वक्ता डॉ. सिम्पी चतुर्वेदी, विभागाध्यक्ष, अंग्रेज़ी विभाग, उषा मार्टिन विश्वविद्यालय ने कहा कि “भाषाई विविधता किसी राष्ट्र की शक्ति है, कमजोरी नहीं।” उन्होंने बताया कि मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं भावनात्मक विकास को सुदृढ़ करती है। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति मातृभाषा में शिक्षा को बढ़ावा देती है, जिससे शिक्षा अधिक समावेशी और न्यायसंगत बनती है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. अद्वैत चैतन्य, शिक्षक, गवर्नमेंट प्लस टू स्कूल, कांके ने कहा कि मातृभाषा से जुड़ाव विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ता है और बहुभाषिक दृष्टिकोण शिक्षा को अधिक जीवनोपयोगी बनाता है।
कार्यक्रम का विषय प्रवेश एवं अतिथियों का परिचय डॉ. ओम प्रकाश द्वारा कराया गया। मंच संचालन प्रविंद कुमार (प्रधानमंत्री, प्रशिक्षु शिक्षक परिषद सत्र 2025–27) ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अमन प्रभात (अनुशासन मंत्री, प्रशिक्षु शिक्षक परिषद) ने प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर प्रशिक्षु शिक्षकों — आशीष कुमार पांडेय, दिनेश कुमार महतो, अभिजीत भारती, देबासीस बेनिया एवं आसित कुमार मंडल ने मातृभाषा एवं बहुभाषिक शिक्षा पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने मातृभाषा में शिक्षा को सीखने की स्वाभाविक प्रक्रिया बताते हुए भाषाई विविधता को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ता को स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। डॉ. चंद्र माधव सिंह, डॉ. ज़ाकिर हुसैन, डॉ. समीर चौधरी, धनंजय तिवारी, प्रो. पंकज मेहता एवं प्रो. राकेश कुमार सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं प्रशिक्षु शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” एवं राष्ट्रगान के साथ गरिमामय वातावरण में हुआ।
