रांची में ‘सेव द गर्ल चाइल्ड’ के लिए जली उम्मीद की लौ, डॉक्टरों और छात्राओं ने निकाला कैंडल मार्च

Ranchi : रांची में बेटियों के संरक्षण और लिंग समानता को लेकर ‘सेव द गर्ल चाइल्ड’ अभियान के तहत कैंडल मार्च आयोजित किया गया। यह मार्च सिविल सर्जन रांची डॉ. प्रभात कुमार की अध्यक्षता में निकाला गया। सदर अस्पताल परिसर में आयोजित इस मार्च में डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ ने हाथों में कैंडल लिए और जोरदार नारेबाजी करते हुए लोगों को जागरूक किया।
अभियान का उद्देश्य: बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच
इस मार्च का मुख्य उद्देश्य था समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना। प्रतिभागियों ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और ‘भ्रूण हत्या नहीं करेंगे’ जैसे नारे लगाकर यह संदेश दिया कि समाज को बेटियों के अधिकारों और सम्मान के प्रति संवेदनशील बनाना जरूरी है।
स्वास्थ्यकर्मी और छात्राओं की सक्रिय भागीदारी
कैंडल मार्च में सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, डॉ. अमरेश, राकेश राय सहित कई स्वास्थ्यकर्मी, एएनएम और स्कूल की छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। मार्च के दौरान सभी ने हाथों में कैंडल लिए और समाज को बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान के प्रति जागरूक किया।
डॉ. प्रभात कुमार का संदेश
इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि बेटियां समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके सुरक्षित जन्म, बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने बताया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लिंग समानता और बेटियों के अधिकारों के प्रति लोगों की सोच बदलने में मदद करते हैं।
बेटियों के लिए समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार
कार्यक्रम का उद्देश्य लिंगानुपात में सुधार, कन्या भ्रूण हत्या रोकना, बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक माहौल बनाना है। ‘सेव द गर्ल चाइल्ड’ अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। डॉ. प्रभात कुमार ने सभी नागरिकों से बेटियों के महत्व को समझने और उन्हें समान अधिकार देने की अपील की।
