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गिरिडीह में पर्यटन के विकास की दिशा में बड़ा कदम, मंत्री और मुख्य सचिव ने प्रमुख स्थलों का किया निरीक्षण

गिरिडीह: गिरिडीह जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रमुख पर्यटक स्थलों का समुचित विकास करने के उद्देश्य से सोमवार को नगर विकास मंत्री सुदिप्य कुमार और मुख्य सचिव अलका तिवारी ने उसरी वाटरफॉल और खंडोली डैम पर्यटन स्थलों का निरीक्षण किया। इस मौके पर उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी मनीष तिवारी, उप विकास आयुक्त सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद थे।

निरीक्षण के दौरान उसरी वाटरफॉल और खंडोली डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर चर्चा हुई। मंत्री सुदिप्य कुमार ने कहा कि जिले के इन दो प्रमुख स्थलों को और बेहतर और विकसित करने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार हैं। उनका उद्देश्य यह है कि इन स्थलों से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिले और पर्यटन को बढ़ावा मिले।

मंत्री ने यह भी कहा कि उन दोनों स्थलों पर इको-टूरिज्म के विकास पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों और अधिकारियों से आपसी समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाने का आह्वान किया, ताकि स्थानीय ग्रामीणों को इसका पूरा लाभ मिल सके।

मुख्य सचिव अलका तिवारी ने कहा कि गिरिडीह जिले में पर्यटन के काफी संभावनाएं हैं और राज्य सरकार इसे विकसित करने पर जोर दे रही है। उन्होंने यहां की प्राकृतिक सुंदरता को मनोहारी बताते हुए मंत्री के सहयोग से पर्यटन क्षेत्र में सुधार के प्रयासों को सराहा।

उपायुक्त रामनिवास यादव ने बताया कि खंडोली डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक सारी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसके चारों ओर कनेक्टिविटी पर काम किया जाएगा, ताकि पर्यटक डैम के चारों ओर घूमकर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकें। इसके लिए पहुंच पथ और डैम के नीचे नदी पर पुल का निर्माण किया जाएगा ताकि पर्यटकों को आवागमन में सुविधा हो।

इसके अलावा, मधवाडीह से खंडोली मोड़ को जोड़ने वाले बाईपास पथ का निर्माण भी कराया जाएगा और बरियारपुर तक एक कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इन कदमों से पर्यटकों के लिए क्षेत्र और भी आकर्षक बनेगा।

यह उल्लेखनीय है कि रविवार को राज्य प्रमुख सचिव ने दो दिवसीय प्रवास के दौरान गिरिडीह का दौरा किया था और इस दौरान सम्मेद शिखर – पारसनाथ पर्वत पर स्थित संताल समाज के प्राचीन तीर्थ स्थल मरांग बुरु जुग जाहेर थान का भी निरीक्षण किया था।

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