रिम्स परिसर में अवैध कब्जे पर प्रशासन की सख्ती, हाई कोर्ट के आदेश पर अपार्टमेंट खाली कराने की कार्रवाई शुरू
Ranchi : रांची के रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) परिसर में लंबे समय से विवादों में घिरे अपार्टमेंट और मकानों के अवैध कब्जे को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रशासन की विशेष टीम गुरुवार को मौके पर पहुंची। इस टीम में मजिस्ट्रेट, अंचल अधिकारी (सीओ) सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, पूरे इलाके में अफरा-तफरी और हलचल का माहौल बन गया।
प्रशासन की मौजूदगी और कोर्ट के आदेश की जानकारी मिलने के बाद विवादित अपार्टमेंट में रह रहे कई लोग स्वयं ही अपने फ्लैट खाली करने लगे। कुछ परिवारों ने सामान समेटना शुरू कर दिया, जबकि कई लोग भावुक नजर आए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इन फ्लैटों और मकानों में अपनी जीवनभर की जमा पूंजी निवेश की है। लोगों के अनुसार, उन्होंने बड़े सपनों और भविष्य की उम्मीदों के साथ इन अपार्टमेंट्स को खरीदा था।
निवासियों का दावा है कि एक-एक फ्लैट की कीमत करीब 70 से 80 लाख रुपये तक थी। कई परिवारों ने अपने जीवन की कमाई, कर्ज और बचत लगाकर यहां घर बनाया था। अब अचानक अवैध बताते हुए इन्हें खाली कराने की कार्रवाई से वे गहरे सदमे में हैं। प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें न तो पहले स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही किसी वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन मिला है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से हाई कोर्ट के आदेश के तहत की जा रही है। अदालत ने इन निर्माणों को अवैध मानते हुए कब्जा हटाने का निर्देश दिया है, जिसका पालन प्रशासन के लिए अनिवार्य है। अधिकारियों का कहना है कि कानून के दायरे में रहते हुए पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और संवेदनशील तरीके से पूरा कराया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
कार्रवाई से प्रभावित परिवारों में गहरी नाराजगी और निराशा देखी जा रही है। कई लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी जमा पूंजी की सुरक्षा के लिए कोई ठोस समाधान निकाला जाए। निवासियों का कहना है कि यदि निर्माण अवैध था, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित बिल्डर और अधिकारियों पर तय की जानी चाहिए, न कि आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़े।
फिलहाल जिला प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी, साथ ही प्रभावित लोगों की समस्याओं को सुनने और कानून के दायरे में समाधान तलाशने का प्रयास भी किया जाएगा।
