रांची

ईडी समन अवहेलना मामला: सीएम हेमंत सोरेन की MP-MLA कोर्ट में पेशी, कोर्ट से मिली जमानत


रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन की अवहेलना से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को रांची सिविल कोर्ट स्थित MP-MLA विशेष अदालत में पेश हुए। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री को 7-7 हजार रुपये के दो बेल बॉन्ड पर जमानत प्रदान कर दी। साथ ही न्यायालय ने यह स्पष्ट निर्देश दिया कि आगामी सुनवाइयों में मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। अब वे आगे की अदालत की कार्यवाही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हो सकेंगे।

यह मामला राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल, यह पेशी झारखंड हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद हुई, जिसमें ईडी द्वारा भेजे गए समन की कथित अवहेलना के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को व्यक्तिगत रूप से विशेष अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। हाई कोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की पीठ ने पिछली सुनवाई के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा था कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस मामले में अनिवार्य है।

शनिवार को निर्धारित समय पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच MP-MLA कोर्ट पहुंचे। अदालत परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पेशी के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद न्यायालय ने मुख्यमंत्री को सशर्त जमानत दे दी और भविष्य की सुनवाइयों के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने से छूट प्रदान कर दी।

कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 12 दिसंबर तय की है। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में यह तय होगा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाएगी। इस बीच, राज्य की राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इस पूरे मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी का दौर जारी है।

राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। विपक्ष इस प्रकरण को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है, वहीं सत्तारूढ़ दल का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया कानून के तहत चल रही है और मुख्यमंत्री न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति पर गहरा असर डाल सकता है।

फिलहाल, पूरे झारखंड की नजरें अब 12 दिसंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि इस हाई प्रोफाइल मामले में आगे क्या मोड़ आता है और अदालत की अगली कार्यवाही क्या दिशा लेती है।


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