रामगढ़ : डीएमएफटी फंड रामगढ़ जिले के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी है. इस फंड से जल्द ही पूरा रामगढ़ चमकने वाला है. पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जल्द ही यहां साइंस सिटी पार्क और धार्मिक कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा. यह बातें शुक्रवार को दिसा और डीएमएफटी की बैठक के बाद सांसद जयंत सिन्हा ने कही.
रामगढ़ जिले में विकास के लिए पैसे की कमी नहीं
उन्होंने कहा कि रामगढ़ जिले में विकास के लिए पैसे की कमी नहीं है. जरूरी है एक सही दृष्टिकोण की. यहां डीएमएफटी फंड से माइनिंग एरिया के प्रभावित क्षेत्र को और भी अधिक चमकाना है. जयंत सिन्हा ने कहा कि रामगढ़ जिले में एक सेवा केंद्र का निर्माण किया जाना है, जिसमें कॉल सेंटर होगा. इस केंद्र में जिले के नागरिक बिजली, सड़क, शिक्षा, कानून, और स्वास्थ्य के अलावा अन्य विभागों से जुड़ी हुई शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इन शिकायतों के आधार पर विभाग अपनी पहल करेगा. उन्होंने कहा कि बैठक में सबसे महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को लेकर चर्चा हुई. यहां का टारगेट नहीं मिलने की वजह से जिले में विकास अवरुद्ध हो रहा है. इसके अलावा ग्राम सड़क योजना के तहत की कई सड़कों का चयन हुआ है, जिनका शिलान्यास जल्द किया जाएगा.
हर पंचायत में लगेगा हाई मास्क लाइट और बनेगा सामुदायिक भवन
जयंत सिन्हा ने कहा कि हर पंचायत में दो हाई मास्क लाइट लगेंगे. इसके लिए हर मुखिया को स्वीकृति पत्र देने को कहा गया है. सांसद ने कहा कि हर पंचायत में बेहद आकर्षक सामुदायिक भवन का निर्माण होगा. एक सामुदायिक भवन पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह सामुदायिक भवन अपने आप में अनोखा होगा. इसमें शादी विवाह के लिए एक बड़ा हॉल होगा. फर्स्ट फ्लोर पर महिला मंडल के लिए व्यवस्था की जाएगी.
युवाओं के लिए एक छोटा जिम भी होगा
महिलाओं के लिए यहां पर सिलाई मशीन और काम करने की अन्य व्यवस्था होगी. साथ ही वहां युवाओं के लिए एक क्लब होगा. इसमें कैरम बोर्ड और अन्य खेलने की वस्तुएं मौजूद रहेगी. युवाओं के लिए एक छोटा जिम भी होगा. एक पुस्तकालय का भी निर्माण किया जाएगा, जिसमें अखबार व अन्य मैगजीन मौजूद रहेंगे. बिजली न जाए इसलिए सौर ऊर्जा की व्यवस्था की जाएगी. पूरे जिले में 125 पंचायत हैं, जिसमें इसका निर्माण किया जाना है. अभी 20 पंचायत में भूमि चिन्हित की जा चुकी है.
डीएमएफटी के 1000 करोड रुपये का होगा ऑडिट
रामगढ़ जिले में अब तक 1000 करोड रुपये डीएमएफटी मद से खर्च हो चुके हैं लेकिन इसका हिसाब किताब किसी के पास नहीं है. यह मुद्दा बैठक में काफी गंभीर रहा. सांसद ने कहा कि हम लगातार योजनाएं पारित करते जा रहे हैं और उसमें पैसा भी पानी की तरह बह रहा है लेकिन हकीकत यह है कि वह पैसा कहां गया इसका पता किसी को नहीं चल रहा है. कैग की ऑडिट रिपोर्ट में भी डीएमएफटी फंड में कई गड़बड़ियां पाई गई थी. अब रामगढ़ जिला प्रशासन खर्च हुई राशि का ऑडिट कराए ताकि यह पता चल सके कि उन पैसों का आखिर हुआ क्या.
एक करोड़ तक की योजना डीसी के हस्ताक्षर से हो जाएगी पास
डीएमएफटी फंड में कोई विभाग या जनप्रतिनिधि एक करोड़ से कम लागत की योजना पारित करता है, तो वह डीसी के हस्ताक्षर से ही पास हो जाएगी. इसके लिए ना तो बैठक की आवश्यकता है और ना ही उसपर गंभीर चर्चा करने की जरूरत है.
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में विधायक सुनीता चौधरी, डीसी चंदन कुमार, डीसी रॉबिन टोप्पो, डीएफओ नीतीश कुमार, डीएमओ नितेश कुमार गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ महालक्ष्मी प्रसाद सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे.