झारखंड में भोगनाडीह घटना को लेकर सियासी तापमान बढ़ा, कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाए
रांची: राज्य में भोगनाडीह घटना को लेकर सियासत गरमाती जा रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन और पूर्व विधायक लोबिन हेंब्रम पर भोगनाडीह में अशांति फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इन दोनों नेताओं को विवादित माहौल बनाने का टास्क दिया था।
इसके साथ ही केशव महतो कमलेश ने देवघर एयरपोर्ट का नाम राज्य के वीर सपूतों के नाम पर रखने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि जैसे कोलकाता एयरपोर्ट का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस, पटना का जयप्रकाश नारायण और उड़ीसा के हवाई अड्डों के नाम बीजू पटनायक और वीर सुरेंद्र साई के नाम पर रखा गया है, वैसे ही संथाल परगना में बने देवघर हवाई अड्डे का नाम सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव जैसे क्षेत्रीय वीरों के नाम पर रखा जाना चाहिए।
वहीं वक्फ बिल संशोधन को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। केशव महतो ने कहा कि भाजपा समाज में मतभेद और नफरत फैलाने की कोशिश कर रही है। यह बिल मुसलमानों के व्यक्तिगत कानूनों और संपत्ति अधिकारों पर हमला है और इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताया। उन्होंने केंद्र सरकार पर वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप भी लगाया।
प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर ने कहा कि केंद्र सरकार सामाजिक समरसता को बिगाड़ने का काम कर रही है। वहीं प्रदेश अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष मंजूर अंसारी ने भाजपा प्रवक्ता के बयानों को झूठा और भड़काऊ बताया। उन्होंने कहा कि अगर जफर इस्लाम में ताकत है तो वे इमरान प्रतापगढ़ी के साथ आमने-सामने बैठकर वक्फ बिल पर चर्चा करें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, प्रवक्ता सोनाल शांति, जगदीश साहू और राजन वर्मा भी मौजूद थे।
इस प्रकार झारखंड की सियासत में भोगनाडीह की घटना और वक्फ बिल के मुद्दे ने गरमाहट ला दी है, और दोनों पक्षों के बीच बहस और आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
