Home

शराब घोटाले में विनय सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई, एसीबी ने मांगा समय

रांची । झारखंड के शराब घोटाले में आरोपित निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे के करीबी रांची के प्रसिद्ध ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। यह सुनवाई रांची के एसीबी (आंतरिक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार सिंह की अदालत में हुई। इस दौरान एसीबी ने अदालत से मामले की जांच के लिए कुछ और समय मांगा, ताकि वे केस डायरी को ठीक से प्रस्तुत कर सकें। अदालत ने एसीबी का यह अनुरोध स्वीकार कर लिया। हालांकि, कोर्ट ने विनय सिंह के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।

एसीबी द्वारा पहले ही विनय सिंह के खिलाफ वारंट जारी किया जा चुका है, और उन्हें मामले में पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया था। बावजूद इसके, विनय सिंह अब तक एसीबी के समक्ष पेश नहीं हुए हैं, जिसके कारण उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत में सुनवाई की स्थिति उत्पन्न हुई है।

यह शराब घोटाला झारखंड में 38 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से जुड़ा हुआ है और वर्तमान में एसीबी द्वारा इसकी जांच की जा रही है। यह मामला राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों और कारोबारियों के बीच बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का संकेत दे रहा है। शराब घोटाले के सिलसिले में अब तक निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे, गजेंद्र सिंह, सुधीर कुमार दास, सुधीर कुमार, नीरज कुमार सिंह और छत्तीसगढ़ के कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सभी गिरफ्तार आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, और एसीबी अधिकारियों का कहना है कि वे मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में भी जुटे हुए हैं। एसीबी के अधिकारियों का यह मानना है कि यह घोटाला राज्य की शराब नीति और सरकारी खजाने से संबंधित है, और इसके तहत बड़ी राशि की हेराफेरी की गई है।

शराब घोटाले की जांच से यह भी साफ हो रहा है कि राज्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताएँ की जा रही थीं, और यह मामला झारखंड सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। एसीबी इस मामले में जल्द ही और जांच करने की योजना बना रही है ताकि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द न्याय के दायरे में लाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *