झारखंड की आत्मा को श्रद्धांजलि: कांग्रेस ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान को किया याद, भारत रत्न देने की मांग
रांची, 07 अगस्त । झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के जननायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद गुरुवार को कांग्रेस पार्टी ने उनके सम्मान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। यह सभा कांग्रेस भवन, रांची में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी के शीर्ष नेता, विधायक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
‘झारखंड की आत्मा’ को भारत रत्न देने की मांग
सभा की अध्यक्षता कर रहे झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने शिबू सोरेन को ‘झारखंड की आत्मा’ करार दिया। उन्होंने उनके जीवन संघर्ष, आदिवासी समाज के लिए किए गए संघर्ष और झारखंड राज्य निर्माण में निभाई गई भूमिका को रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति से उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की।
शिबू सोरेन के नाम पर विश्वविद्यालय और संग्रहालय की मांग
केशव महतो कमलेश ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से यह भी आग्रह किया कि दिवंगत दिशोम गुरु के नाम पर राज्य में एक विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके विचारों और संघर्ष से प्रेरणा ले सकें। इसके अलावा उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि शिबू सोरेन के आवास को संग्रहालय में परिवर्तित किया जाए, जिसमें उनके आंदोलन, विचारधारा और जीवन यात्रा को दस्तावेज के रूप में सहेजा जा सके।
वरिष्ठ नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सभा में मौजूद राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने शिबू सोरेन को “झारखंड का सबसे बड़ा नेता” बताते हुए उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को नमन किया। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी भारत रत्न की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यह सम्मान शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन और जनसेवा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी शिबू सोरेन के योगदान को याद किया और उन्हें नमन किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि दिशोम गुरु का जीवन झारखंड के संघर्ष और स्वाभिमान की मिसाल है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जाना चाहिए।
