रांची

दीपावली पर रांची के बाजारों में उमड़ी भीड़, दीये-फूल से लेकर झालरों तक की जमकर हुई खरीदारी

नई धान की बाली, कमल और गेंदा फूल की रही खास मांग; 50 से 4500 रुपये तक की झालरों से सजे बाजार

रांची। दीपावली के अवसर पर रविवार को राजधानी रांची के बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही कोकर, लालपुर, डोरंडा, बूटी मोड़, अपर बाजार और कचहरी सहित शहर के प्रमुख बाजारों में रौनक देखने को मिली। लोगों ने लक्ष्मी पूजा के लिए फूल, नई धान की बाली, केला का थंब और मिट्टी के दीयों की खरीदारी की। वहीं, घरों और दुकानों को सजाने के लिए रंग-बिरंगी झालरों, डिजाइनर झूमरों और सजावटी लाइटों की भी खूब बिक्री हुई।

नई धान की बाली और कमल फूल की बढ़ी मांग

लक्ष्मी पूजा में विशेष महत्व रखने वाली नई धान की बाली, गेंदा फूल और कमल फूल की बाजार में सबसे अधिक मांग रही। धार्मिक परंपरा के अनुसार, नई धान की बाली माता लक्ष्मी को अर्पित की जाती है। इसे सुख-समृद्धि और अच्छी पैदावार का प्रतीक माना जाता है। बाजार में धान की छोटी गड्डी 10 से 25 रुपये तक में बिकी। वहीं, कमल फूल 10 से 20 रुपये प्रति पीस की दर से उपलब्ध रहा।

पूजा सामग्री में केला के थंब की भी अच्छी बिक्री हुई। आकार के अनुसार एक जोड़ा 150 से 300 रुपये तक में उपलब्ध रहा, जबकि बड़े थंब की कीमत 400 से 500 रुपये तक रही।

गेंदा फूल की लड़ियों से सजे बाजार

पूजा और घरों की सजावट के लिए पीले और लाल गेंदा फूल की भी खूब खरीदारी हुई। मंडी में खुले गेंदा फूल की कीमत 80 से 170 रुपये प्रति किलो रही। पीले गेंदा फूल की बड़ी लड़ी 700 से 800 रुपये और लाल गेंदा फूल की लड़ी 600 से 650 रुपये तक में बिकी। वहीं, सामान्य गेंदा माला 20 से 40 रुपये प्रति पीस की दर से उपलब्ध रही।

चाइनीज झालरों और डिजाइनर लाइटों का क्रेज

इस बार रांची के बाजारों में रंग-बिरंगी चाइनीज झालरों, डिजाइनर झूमरों और आकर्षक लाइटों की भरमार रही। घरों और दुकानों को रोशनी से सजाने के लिए लोग सुबह से ही खरीदारी करते नजर आए।

डेली मार्केट के व्यवसायी तौसीफ ने बताया कि स्वदेशी झालर महंगी होने के कारण ग्राहक चाइनीज उत्पादों को अधिक पसंद कर रहे हैं। बाजार में अलग-अलग डिजाइन और आकार की झालरें 50 रुपये से लेकर 4500 रुपये तक में उपलब्ध हैं।

दुकानदार इमरान के अनुसार, सजावटी लाइटों की मांग लगातार बढ़ रही है। पिछले एक-दो दिनों से बाजार में अच्छी बिक्री हो रही है।

मिट्टी के दीयों की खरीदारी में भी उत्साह

दीपावली पर पारंपरिक मिट्टी के दीयों की खरीदारी भी खूब हुई। हरमू, कोकर, लालपुर, बरियातू, डोरंडा, धुर्वा, तुपुदाना, हिनू और अरगोड़ा सहित शहर के कई इलाकों में दीयों की दुकानें सजी रहीं।

बाजार में सामान्य मिट्टी के दीये डेढ़ से दो रुपये प्रति पीस की दर से बिके। वहीं, रंगीन और डिजाइनर दीयों की कीमत उनके आकार और बनावट के अनुसार अलग-अलग रही। फूलों के आकार वाले दीये, रंगों से सजे दीये और मोम से तैयार सजावटी दीयों ने भी खरीदारों को आकर्षित किया। दुकानदारों के मुताबिक, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दीयों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

करंज तेल से दीया जलाने की भी परंपरा

झारखंड के कई पारंपरिक और आदिवासी समुदायों में दीपावली के अवसर पर करंज तेल से दीया जलाने की परंपरा भी प्रचलित है। स्थानीय बाजार में करंज तेल करीब 200 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध रहा।

कुल मिलाकर दीपावली के मौके पर रांची के बाजारों में सुबह से शाम तक रौनक बनी रही। पूजा सामग्री, फूलों, दीयों और सजावटी लाइटों की खरीदारी ने त्योहार के उत्साह को और बढ़ा दिया।

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