रांची के रातू रोड से असहाय व्यक्ति का रेस्क्यू, सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में मिला आश्रय
रांची: रांची के रातू रोड के पास लावारिस अवस्था में घूम रहे एक असहाय व्यक्ति को सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम की टीम ने रेस्क्यू कर आश्रम में आश्रय दिया। व्यक्ति की पहचान से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। आश्रम कमेटी ने उसका नाम मनमोहन रखा है।
परमहंस डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट रांची के अंतर्गत सामाजिक संस्था श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम, पुंदाग में मंदबुद्धि, दिव्यांग और निराश्रित लोगों की निःशुल्क सेवा की जा रही है। संस्था जनवरी 2024 से इस सेवा कार्य में जुटी है।
रातू रोड से किया गया रेस्क्यू
सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल और प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि आश्रम की टीम को सूचना मिली थी कि रातू रोड के पास एक असहाय व्यक्ति लावारिस अवस्था में घूम रहा है। सूचना मिलने के बाद आश्रम की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू टीम में आश्रम के सेवा साथी मुकुंद यादव, परमेश्वर प्रमाणिक और सूरज प्रमाणिक शामिल थे। व्यक्ति की हालत अस्वच्छ बताई गई। उसे आश्रम लाने से पहले अस्पताल में मेडिकल जांच भी कराई गई।
नाम और पते की जानकारी नहीं मिली
मेडिकल जांच के बाद व्यक्ति को सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के सत्य प्रेम सभागार में लाया गया। आश्रम के अनुसार, व्यक्ति अपने नाम और पते के बारे में जानकारी नहीं दे पा रहा था और उसकी याददाश्त भी प्रभावित थी। पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिलने के कारण आश्रम कमेटी ने उसका नाम मनमोहन रखा है।
आश्रम में अब 43 निराश्रित
आश्रम की ओर से बताया गया कि सूचना मिलने पर जरूरतमंद और निराश्रित लोगों को समय-समय पर रेस्क्यू कर आश्रम लाया जाता है। यहां उन्हें भोजन, देखभाल और घर जैसा माहौल देने का प्रयास किया जाता है।
प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि गुरुजी सदानंद जी महाराज के सहयोग से आश्रम में रह रहे निराश्रित लोगों की सेवा की जा रही है। इस नए व्यक्ति के आने के बाद आश्रम में रहने वाले निराश्रितों की संख्या 43 हो गई है।
उन्होंने कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई सेवा कार्य नहीं है।
