“गुरुजी नहीं रहे, लेकिन उनकी विचारधारा रहेगी हमेशा जीवित” — सुप्रियो भट्टाचार्य
रांची, 4 अगस्त ( – झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने झामुमो के संस्थापक संरक्षक और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन को “हिमालय के स्खलन” की उपमा देते हुए अपूरणीय क्षति बताया है।
उन्होंने कहा, “गुरुजी भले ही अब शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी विचारधारा और शिक्षाएं हम सभी के लिए प्रेरणा का स्तंभ बनी रहेंगी।”
भट्टाचार्य ने गुरुजी के जीवन को सतत संघर्ष की मिसाल बताया और कहा कि उन्होंने हमेशा धारा के विपरीत जाकर सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ी और कभी हार नहीं मानी। उनके संघर्ष ने आदिवासी, मूलवासी, दलित, शोषित, मजदूर, किसान और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया और उन्हें सशक्त बनाया।
उन्होंने कहा कि “गुरुजी ने अज्ञानता के खिलाफ शिक्षा, शोषण के खिलाफ संघर्ष, और सम्मानजनक जीवन के लिए जुझारू मार्ग दिखाया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए पथप्रदर्शक बना रहेगा।”
