अवैध हथियार निर्माण की सूचना पर छापेमारी, मकान सील,सामान जब्त
गोड्डा, 16 सितंबर (हि.स.)। महगामा थाना क्षेत्र के घाट बलिया में बुधवार को बिहार एसटीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने कथित अवैध हथियार निर्माण से जुड़ी गतिविधियों की सूचना पर छापेमारी की। पुलिस ने पुनर्वास गांव के ईश्वर मरांडी नगर, सीमड़ा के समीप स्थित एक मकान में कार्रवाई करते हुए परिसर को अपने कब्जे में लिया और वहां से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री समेत अन्य सामान बरामद किया। कार्रवाई का नेतृत्व महगामा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) वरुण कुमार रजक ने किया।
पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान मौके से हथियार निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण और अन्य सामग्री मिली है। हालांकि, बरामद सामान की पूरी सूची और उसकी प्रकृति के संबंध में पुलिस ने अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई और जांच पूरी होने के बाद मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस मकान में कथित रूप से हथियार निर्माण से जुड़ी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है, वह पवन तुरी का बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर पवन तुरी के मानवाधिकार संगठन से जुड़े होने, आरटीआई कार्यकर्ता और सोशल मीडिया पत्रकार होने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, पुलिस ने मकान मालिक की भूमिका को लेकर फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि मकान का इस्तेमाल कथित गतिविधियों के लिए स्वयं मकान मालिक कर रहे थे या किसी अन्य व्यक्ति ने परिसर का उपयोग किया था। पुलिस इस संबंध में साक्ष्य जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार, घाट बलिया स्थित कथित फैक्ट्री और परिसर को सील कर दिया गया है। वहां मौजूद सामग्री को जब्त कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। टीम परिसर में मिले सामान की प्रकृति, उसके इस्तेमाल और उससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
महगामा एसडीपीओ वरुण कुमार रजक ने बताया कि मामले में कार्रवाई अभी जारी है। पूरी कार्रवाई समाप्त होने के बाद मामले की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की जांच बरामद सामग्री, मकान के इस्तेमाल, कथित हथियार निर्माण की गतिविधियों और उससे जुड़े लोगों की भूमिका पर केंद्रित है। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि परिसर का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
