बैंककर्मियों की हड़ताल से पश्चिमी सिंहभूम में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित
पांच सूत्री मांगों को लेकर चाईबासा में निकाला जुलूस, 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल की घोषणा
पश्चिमी सिंहभूम, संवाददाता। पांच सूत्री मांगों के समर्थन में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के कारण चाईबासा सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में बैंकिंग व्यवस्था प्रभावित रही।
विभिन्न सरकारी बैंकों के कर्मचारियों ने एकजुट होकर जुलूस निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में विरोध जताया। बैंक कर्मचारियों ने कहा कि उनकी लंबित मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार और संबंधित अधिकारियों के समक्ष संगठन के माध्यम से आवाज उठाई जा रही है। अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं में सामान्य दिनों की तरह कामकाज नहीं हुआ। नकद जमा और निकासी, चेक संबंधी कार्य, खातों से जुड़े काम समेत शाखा स्तर पर मिलने वाली अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। इससे बैंक शाखाओं में जरूरी कार्य के लिए पहुंचे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि एटीएम और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने से ग्राहकों को कुछ राहत मिली। इसके बावजूद शाखाओं में होने वाले जरूरी कार्यों के लिए लोगों को हड़ताल के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
आगे भी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने आंदोलन को आगे भी जारी रखने की घोषणा की है। संगठन के अनुसार 28, 29 और 30 सितंबर को भी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। इसके बाद भी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
बैंक कर्मचारियों ने सरकार से पांच सूत्री मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र समाधान निकालने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
