Jharkhand Politics: जयराम महतो-पुलिस एसोसिएशन विवाद पर शैलेंद्र महतो ने उठाए सवाल, CM और विधानसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप की मांग
पूर्वी सिंहभूम, 03 सितंबर: पूर्व सांसद और झारखंड आंदोलनकारी शैलेंद्र महतो ने विधायक जयराम महतो और झारखंड पुलिस एसोसिएशन के बीच चल रहे विवाद को लेकर मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को सोनारी स्थित अपने आवासीय कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार और विधानसभा अध्यक्ष का मूकदर्शक बने रहना उचित नहीं है।
विधायिका और कार्यपालिका के अधिकारों से जुड़ा मामला
शैलेंद्र महतो ने कहा कि यह विवाद महज एक विधायक और पुलिस संगठन के बीच का मामला नहीं है, बल्कि विधायिका और कार्यपालिका के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि समय रहते विवाद का समाधान नहीं किया गया तो इसका असर राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि और पुलिस संगठन के बीच उत्पन्न विवाद को बातचीत और संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।
जयराम महतो पर पुलिस एसोसिएशन के आरोप
शैलेंद्र महतो के मुताबिक पुलिस एसोसिएशन की ओर से विधायक जयराम महतो के खिलाफ बरवाअड्डा थाना में कथित तौर पर सरकारी काम में बाधा डालने, गाली-गलौज करने और अन्य आरोप लगाए गए हैं।
इन आरोपों के विरोध में पुलिस एसोसिएशन की ओर से राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा किए जाने की बात भी सामने आई है। संगठन की ओर से 8 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आंदोलन की रूपरेखा तय किए जाने का उल्लेख किया गया।
आंदोलन से टकराव की स्थिति की आशंका
शैलेंद्र महतो ने आशंका जताई कि यदि पुलिस संगठन आंदोलन पर जाता है तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को बढ़ने देने के बजाय सरकार को समय रहते हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि विवाद का समाधान निकाला जा सके और संवैधानिक संस्थाओं के बीच संतुलन बना रहे।
मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप की मांग
पूर्व सांसद ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रकरण को गंभीरता से लेना चाहिए, ताकि विधायिका और कार्यपालिका के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न न हो और राज्य की संवैधानिक व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान उनकी पत्नी और पूर्व सांसद आभा महतो भी मौजूद थीं।
