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सावन महोत्सव में सैन्य मातृशक्ति ने बिखेरी संस्कृति की रंगत, दिखाई प्रतिभा

पूर्वी सिंहभूम, 09 अगस्त । अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की इकाई सैन्य मातृशक्ति, जमशेदपुर की ओर से रविवार को मिलन-सह-सावन महोत्सव का आयोजन उत्साह और पारंपरिक रंगों के साथ किया गया। कार्यक्रम में डॉ. मीरा मुंडा, डॉ. त्रिपुरा झा और संध्या सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहीं। पूर्व सैनिक परिवारों की महिलाओं और सैन्य मातृशक्ति की करीब 70 सदस्यों ने समारोह में भाग लेकर सावन की खुशियां साझा कीं।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने और दीप प्रज्वलित करने के साथ हुई। इसके बाद सैन्य मातृशक्ति से जुड़ी नई सदस्यों का स्वागत किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य पुरानी और नई सदस्यों के बीच आपसी परिचय और आत्मीयता बढ़ाने के साथ भारतीय संस्कृति, तीज-त्योहारों और सैन्य परिवारों के संस्कारों को आगे बढ़ाना रहा।

सैन्य मातृशक्ति की अध्यक्ष रूबी सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। महामंत्री विनीता सिंह ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के साथ सैन्य मूल्यों का समन्वय समाज को सकारात्मक दिशा दे सकता है। महिलाओं की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों और नई पीढ़ी में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे संस्कार विकसित करें।

सावन के रंग में रंगी महिलाओं ने हरे रंग के आकर्षक परिधानों में समारोह की शोभा बढ़ाई। सावन गीत, कजरी, सामूहिक संगीत और नृत्य के अलावा मेहंदी, रूप सज्जा और रैंप वॉक जैसी गतिविधियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। नृत्य प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता और सावन क्वीन प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

डॉ. मीरा मुंडा ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस तरह के आयोजन प्रतिभा प्रदर्शन के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का काम करते हैं। डॉ. त्रिपुरा झा ने कहा कि शिक्षा और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। तीज-त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम हैं और ऐसे कार्यक्रम महिलाओं में रचनात्मकता तथा सामाजिक चेतना को बढ़ावा देते हैं।

सैन्य मातृशक्ति की सदस्य माधुरी ओझा और पूजा शरण ने कहा कि सावन प्रकृति, संस्कृति और उत्सव से जुड़ने का अवसर देता है। ऐसे आयोजन सैन्य परिवारों की महिलाओं के बीच आत्मीय संबंध मजबूत करने के साथ अनुशासन, राष्ट्रप्रेम, सेवा और संस्कार जैसे मूल्यों को समाज तक पहुंचाने में भी सहायक हैं।

सावन गीत और कजरी की मधुर धुनों के बीच महिलाओं ने जमकर उत्सव का आनंद लिया। हरे परिधानों, मेहंदी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को सावनमय बना दिया। अंत में भावना ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों और सभी सदस्यों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में श्वेता सिंह, पूनम, शर्मिला, सुनीता, सावित्री, आरती देवी, रेखा, राधिका, सरिता, रीना सिन्हा, स्वाति, मीना सिंह, सरोज सिंह, रीना मिश्रा, उर्मिला, सुनीता सिंह, संगीता, शमिता देवी, कंचन सिंह, नीता शर्मा, स्वाति सुमन और पूजा सिन्हा समेत करीब 70 सदस्य मौजूद रहीं।

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