सूर्य सिंह बेसरा का सरकार पर हमला, जेपीएससी-जेएसएससी मामले की सीबीआई जांच और राष्ट्रपति शासन की मांग
रांची, 30 जुलाई: झारखंड आंदोलनकारी एवं पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, भर्ती अनियमितताओं और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने हेमंत सोरेन के इस्तीफे, जेपीएससी मामले की सीबीआई जांच और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की।
बेसरा ने कहा कि राज्य में चल रहे छात्रों के उलगुलान आंदोलन को उनका नैतिक समर्थन है। उनके अनुसार छात्र अपने भविष्य और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में हुई कथित अनियमितताओं की जांच सीआईडी नहीं, बल्कि सीबीआई से कराई जानी चाहिए। उनका कहना था कि निष्पक्ष जांच आवश्यक है क्योंकि इस मामले की आंच मुख्यमंत्री और कई मंत्रियों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान बेसरा ने जेएमएम नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी, जो जेपीएससी की सदस्य हैं, पर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि जेपीएससी में नौकरियों की खरीद-बिक्री हुई और इसके लिए कथित तौर पर बंगाल, बिहार, हरियाणा और राजस्थान तक लेनदेन किया जाता था। उन्होंने मांग की कि जेपीएससी अध्यक्ष के साथ-साथ आयोग के सदस्यों की भी जांच हो तथा प्रभावित छात्रों को मुआवजा दिया जाए।
बेसरा ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भ्रष्टाचार का केंद्र बताते हुए राज्य में जमीन और खनन से जुड़े कथित घोटालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने पंकज मिश्रा का नाम लेते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग सरकार में “सुपर सीएम” की भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने आंदोलन को पूरी तरह गैर-राजनीतिक रखें। उनका कहना था कि “पार्टी नो एंट्री, पॉलिटिशियन नो एंट्री” के सिद्धांत पर आंदोलन चलाया जाना चाहिए, ताकि आंदोलन की एकजुटता बनी रहे। उन्होंने कहा कि बिना बुलावे के वह छात्रों के मंच पर नहीं जाएंगे, लेकिन बाहर से पूरा समर्थन और मार्गदर्शन देते रहेंगे।
पूर्व विधायक ने 1986 के आजसू आंदोलन और 1985 के असम छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्र आंदोलन बड़े राजनीतिक बदलाव का आधार बन सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सोरेन परिवार के शासन में झारखंड की छवि को नुकसान पहुंचा है और राज्य में केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की आवश्यकता है।
प्रेस वार्ता के अंत में बेसरा ने कथित जमीन घोटाले का जिक्र करते हुए दावा किया कि इस मामले में 14 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने 23 जुलाई को इस मामले में समय मांगा था और अगली सुनवाई 11 अगस्त को निर्धारित है।
नोट: प्रेस वार्ता में लगाए गए सभी आरोप सूर्य सिंह बेसरा के बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।
