सरला बिरला विश्वविद्यालय ने शुरू किया 17 दिवसीय ‘हरित ग्राम अभियान’
पांच गांवों और सड़क किनारे लगाए जाएंगे 5,000 पौधे
रांची : सरला बिरला विश्वविद्यालय (एसबीयू) के उन्नत भारत अभियान (यूबीए) प्रकोष्ठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार से अंगीकृत गांव आरा में 17 दिवसीय ‘हरित ग्राम अभियान’ की शुरुआत हुई। यह अभियान 4 अगस्त तक चलेगा। इसके तहत विश्वविद्यालय के अंगीकृत गांव आरा, बड़ाम, सिलवई, महिलोंग और हरातू के अलावा आरा गेट से महिलोंग तक सड़क किनारे कुल 5,000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान का शुभारंभ विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने पौधारोपण कर किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा नैतिक दायित्व भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और सतत विकास का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ समाज में जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्नत भारत अभियान के समन्वयक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी जनहित अभियान की सफलता सामुदायिक सहभागिता पर निर्भर करती है। उन्होंने ग्रामीणों और विद्यार्थियों से पौधारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा लगाए जाने वाले पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की।
राष्ट्रीय सेवा योजना के अमित नाथ चरण ने बताया कि अभियान के दौरान पौधारोपण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सफल माना जाएगा, जब पौधों का संरक्षण भी पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान तथा राज्यसभा सांसद एवं निदेशक (प्लानिंग एंड डेवलपमेंट) डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने अभियान की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं, ग्राम प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।
