रांची

झारखंड के जीआई उत्पादों के व्यापक प्रचार-प्रसार और बाजार उपलब्ध कराने पर चैंबर ने दिया बल

नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस समारोह में बोले चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा

रांची : नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में झारखंड के भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम में फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया।

चैंबर अध्यक्ष ने नाबार्ड को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने में नाबार्ड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान केवल खनिज संपदा तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक शिल्प और जनजातीय विरासत भी उसकी विशेष पहचान है।

उन्होंने कहा कि भागलपुरी साड़ी एवं फैब्रिक्स, कुचाई सिल्क, केसरिया कलाकंद, डोकरा शिल्प, जनजातीय आभूषण और बाँस शिल्प सहित झारखंड के 11 उत्पादों को जीआई टैग मिलना पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है।

आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड चैंबर राज्य के जीआई उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा। उन्होंने उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और प्रभावी मार्केटिंग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स के माध्यम से स्थानीय कारीगरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।

उन्होंने नाबार्ड, झारक्राफ्ट और उद्योग विभाग को आश्वस्त किया कि झारखंड चैंबर अपने सदस्य प्रतिष्ठानों के माध्यम से जीआई उत्पादों को कॉरपोरेट गिफ्टिंग और रिटेल बाजार में बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने एवं मार्गदर्शन देने में पूरा सहयोग करेगा।

उन्होंने कहा कि वियतनाम में बाँस से बने फैब्रिक और अन्य उत्पादों का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है, जिससे स्थानीय कारीगरों और उद्योगों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। झारखंड में भी इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिनका समुचित उपयोग किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में झारक्राफ्ट की प्रबंध निदेशक गरिमा सिंह, भारतीय रिजर्व बैंक की क्षेत्रीय निदेशक रक्षा मिश्रा, नाबार्ड झारखंड की मुख्य महाप्रबंधक दीपमाला घोष, एसएलबीसी के महाप्रबंधक गुरु प्रसाद गोंड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य, कारीगर एवं उद्यमी उपस्थित थे।

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