स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा को लेकर तेज हुई मुहिम, संजय सेठ और बाबूलाल मरांडी को सौंपा ज्ञापन
रांची। झारखंड में स्वर्ण व्यवसायियों के साथ लगातार बढ़ रही लूट, चोरी, छिनतई एवं डकैती की घटनाओं के विरोध में अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन (रजि.), झारखंड ने सुरक्षा की मांग को लेकर अपनी मुहिम तेज कर दी है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद सोनी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ एवं झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री तथा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से अलग-अलग मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यभर में स्वर्ण व्यवसायियों के साथ लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि हाल के दिनों में लूट, चोरी और डकैती की वारदातों में लगातार वृद्धि हुई है। ज्ञापन में गुमला जिले के पालकोट में माही ज्वेलर्स के संचालक मनीष सोनी से दिनदहाड़े करीब 40 लाख रुपये मूल्य के आभूषणों की लूट, नगड़ी और गोड्डा सहित राज्य के विभिन्न जिलों में हुई लूट एवं चोरी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए व्यवसायियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
संगठन ने मांग की कि राज्य के सभी प्रमुख ज्वेलरी बाजारों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए, लंबित मामलों का शीघ्र उद्भेदन कर अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा पुलिस प्रशासन और स्वर्ण व्यवसायी संगठनों के बीच नियमित समन्वय बैठक आयोजित की जाए।
प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद सोनी ने कहा कि लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के कारण राज्य के स्वर्ण व्यवसायियों में भय और असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन राज्यभर के स्वर्ण व्यवसायियों के साथ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण जन आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर विषय को संबंधित स्तर पर उठाकर आवश्यक कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद सोनी, प्रदेश मंत्री मनोज सोनी, रांची महानगर महामंत्री त्रिभुवन प्रसाद, प्रदेश मीडिया प्रभारी सुनील पोद्दार सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
