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40 वर्षों से लगने वाला मोरहाबादी का साप्ताहिक बाजार बंद, निगम के फैसले से सब्जी विक्रेताओं में नाराजगी

रांची, 04 जुलाई : राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में पिछले लगभग 40 वर्षों से लगने वाले साप्ताहिक सब्जी बाजार को शनिवार को रांची नगर निगम ने बंद करा दिया। निगम का कहना है कि बाजार में लगातार बढ़ रही भीड़ और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। वहीं, निगम की इस कार्रवाई से सब्जी और फल विक्रेताओं में भारी नाराजगी है। कई विक्रेता मैदान में ही डटे रहे और आंदोलन की चेतावनी दी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मोरहाबादी मैदान में प्रत्येक शनिवार को शहर का सबसे बड़ा साप्ताहिक सब्जी बाजार लगता है, जहां रांची और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान और विक्रेता अपनी उपज बेचने आते हैं। शनिवार को नगर निगम के निर्देश के बाद बाजार लगाने की अनुमति नहीं दी गई और विक्रेताओं को वापस लौटा दिया गया। दूरदराज के अधिकांश विक्रेता सुबह ही लौट गए, लेकिन 100 से अधिक विक्रेता मैदान में डटे रहे और फैसले के विरोध में आंदोलन की तैयारी करने लगे।

नगर निगम के कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्ट निर्देश मिला था कि अब मोरहाबादी मैदान में साप्ताहिक बाजार नहीं लगेगा। इसी आदेश के अनुपालन में नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने मैदान में किसी भी विक्रेता को दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी। स्थिति पर नजर रखने के लिए निगम की कई टीमें दिनभर मौके पर तैनात रहीं।

उल्लेखनीय है कि मोरहाबादी मैदान में पिछले चार दशकों से सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों किसान और सब्जी विक्रेता अपनी ताजा उपज लेकर आते रहे हैं। बाजार समाप्त होने के बाद वे देर शाम या रात में अपने गांव लौट जाते हैं। इस व्यवस्था के बंद होने से उन विक्रेताओं की आजीविका पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

रातू निवासी सब्जी विक्रेता राम महतो ने बताया कि वह पिछले 35 वर्षों से मोरहाबादी बाजार में सब्जियां बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। वहीं, फल विक्रेता मोहम्मद इश्तियाक ने कहा कि वह करीब 25 वर्षों से इसी बाजार में फल बेचते आ रहे हैं। उनका कहना है कि बाजार बंद होने से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।

दूसरी ओर, कुछ स्थानीय लोगों ने नगर निगम के निर्णय का समर्थन किया है। उनका कहना है कि पहले जहां बाजार में 50 से 100 दुकानें लगती थीं, वहीं अब दुकानों की संख्या बढ़कर करीब 1,600 तक पहुंच गई है। इसके कारण मोरहाबादी मैदान और आसपास की सड़कों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। उनका आरोप है कि कई विक्रेताओं ने सड़क तक अतिक्रमण कर दुकानें लगानी शुरू कर दी थीं, जिससे आम लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।——–

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