खूंटी

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मुरहू में योगाभ्यास कार्यक्रम, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

खूंटी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को लक्ष्मी नारायण उच्च विद्यालय, मुरहू तथा एकल अभियान कोड़ाकेल, मुरहू के संयुक्त तत्वावधान में भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं ग्रामीणों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में सामूहिक प्रार्थना के साथ हुई। आयोजन की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रमोद सिंह एवं एकल अभियान मुरहू के योग प्रशिक्षक डॉ. डी.एन. तिवारी ने संयुक्त रूप से की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एकल अभियान खूंटी के उपाध्यक्ष मनोज कुमार, महेश चौधरी सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

योग दिवस कार्यक्रम में विद्यालय के 400 से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों तथा एकल विद्यालय के आचार्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने योग के प्रति बढ़ती जागरूकता और रुचि को दर्शाया। पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षक डॉ. डी.एन. तिवारी के मार्गदर्शन में सूक्ष्म व्यायाम से शुरुआत करते हुए ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, वज्रासन और भुजंगासन जैसे महत्वपूर्ण योगासनों का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी जैसे प्राणायाम भी कराए गए, जिनसे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को होने वाले लाभों की जानकारी दी गई।

डॉ. तिवारी ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान बना रहता है। योग मानसिक तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रमोद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जिसने पूरे विश्व में अपनी विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और अच्छे संस्कार विकसित करने में भी सहायक होते हैं।

मुख्य अतिथि मनोज कुमार ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ भारतीय योग परंपरा का प्रचार-प्रसार गांव-गांव तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति नियमित योगाभ्यास को अपनाए, तो एक स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने और अपने परिवार तथा समाज के अन्य लोगों को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। आयोजन के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, शारीरिक फिटनेस और मानसिक संतुलन का संदेश प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया गया।

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