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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को, स्वस्थ जीवन और वैश्विक कल्याण का महापर्व

योग केवल अभ्यास नहीं, स्वस्थ, संतुलित और आनंदमय जीवन की कुंजी : संजय सर्राफ

रांची, 19 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को विश्वभर में उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष एवं झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य, शांति और संतुलन का मार्ग दिखाया है।

उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव भारत के प्रधानमंत्री ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखा था। इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। वर्ष 2015 में पहली बार यह दिवस विश्वभर में मनाया गया था।

संजय सर्राफ ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। यह शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। नियमित योगाभ्यास से तनाव, चिंता, अवसाद, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मोटापे जैसी जीवनशैली संबंधी समस्याओं को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है। साथ ही व्यक्ति का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते मानसिक तनाव और बदलती जीवनशैली के बीच योग मानवता के लिए एक प्रभावी समाधान बनकर उभरा है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा वैश्विक स्तर पर शांति, सद्भाव और स्वास्थ्य का संदेश देना है।

उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ, सशक्त एवं सकारात्मक समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। योग वास्तव में मानवता को जोड़ने वाला स्वास्थ्य और शांति का सार्वभौमिक संदेश है।

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