मंईयां सम्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, 4068 अयोग्य लाभुकों से होगी राशि की वसूली

जमशेदपुर: मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में फर्जीवाड़ा कर लाभ लेने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पूर्वी सिंहभूम जिले में चल रहे व्यापक सत्यापन अभियान के दौरान हजारों ऐसे लाभुक चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने गलत जानकारी, फर्जी दस्तावेज या तथ्य छिपाकर योजना का लाभ प्राप्त किया। जिला प्रशासन ने ऐसे 4068 पूरी तरह अयोग्य लाभुकों से अब तक प्राप्त पूरी राशि की वसूली करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही गलत तरीके से सरकारी योजना का लाभ लेने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई विभागीय जांच और भौतिक सत्यापन के बाद की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने के लिए यह कदम आवश्यक है।
6,974 लाभुकों के नाम सूची से हटाए गए
जिले में अब तक हुई जांच के दौरान कुल 6,974 लाभुकों के नाम योजना की सूची से हटाए जा चुके हैं। इनमें कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लाभुक योजना की पात्रता पूरी नहीं करते थे। कुछ मामलों में लाभुकों की मृत्यु हो चुकी थी, इसके बावजूद उनके नाम पर योजना का लाभ दर्ज था।
इससे पहले एक पुरुष द्वारा योजना की राशि प्राप्त करने का मामला भी सामने आया था, जिसके बाद उससे पूरी राशि वापस कराई गई। वहीं बिहार की मूल निवासी 142 महिलाओं को भी चिन्हित किया गया है, जो नियमों के विपरीत पूर्वी सिंहभूम जिले से योजना का लाभ ले रही थीं। इनके खिलाफ भी राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
3 लाख से अधिक लाभुकों का हुआ सत्यापन
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत जिले में कुल 3,07,071 लाभुक पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक 2,89,019 लाभुकों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। जांच में अधिकांश लाभुक पात्र पाए गए हैं, जबकि कुछ मामलों में अनियमितताएं सामने आई हैं।
अधिकारियों के मुताबिक अभी 11,078 लाभुकों का सत्यापन शेष है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले में योजना के वास्तविक लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
10 प्रतिशत सत्यापन कार्य अभी बाकी
सामाजिक सुरक्षा विभाग की प्रभारी सहायक निदेशक रूपा रानी तिर्की ने बताया कि जिले में लाभुकों का भौतिक सत्यापन लगातार जारी है। अब तक 6 हजार से अधिक अयोग्य लाभुकों को सूची से हटाया जा चुका है और लगभग 10 प्रतिशत सत्यापन कार्य अभी बाकी है।
उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अयोग्य लाभुकों के खिलाफ नियमानुसार रिकवरी और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिन मामलों में नॉन-डीबीटी संबंधी समस्याएं पाई गई हैं, उनका भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है।
पात्र महिलाओं को मिलेगा लाभ, फर्जी लाभुकों पर सख्ती
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए निगरानी और सत्यापन अभियान जारी रहेगा। जांच में अयोग्य पाए गए लाभुकों से राशि की वसूली की जाएगी, जबकि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहेगा।
प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी संसाधनों का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकेगा।
