पलामू में डीजीपी तदाशा मिश्र की मैराथन समीक्षा, मुहर्रम सुरक्षा से लेकर साइबर अपराध तक पर सख्त निर्देश

Palamu : झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्र ने शुक्रवार को पलामू पहुंचकर पलामू प्रक्षेत्र के तीनों जिलों पलामू, गढ़वा और लातेहार की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। पलामू एसपी के दफ्तर में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में अपराध नियंत्रण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर घंटों मंथन हुआ और अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक की शुरुआत आगामी मुहर्रम पर्व की तैयारियों की समीक्षा से हुई। डीजीपी ने अधिकारियों से कहा कि पर्व के दौरान शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय रहते पूरे कर लिए जाएं। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी अफवाह पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लें
डीजीपी तदाशा मिश्र ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने महिला उत्पीड़न और पोक्सो एक्ट से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी मामलों का अनुसंधान तय समय सीमा के भीतर पूरा हो और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए।
सीसीटीवी नेटवर्क और मोबाइल बरामदगी की समीक्षा
डीजीपी ने जिलों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, उनकी कार्यशीलता और निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी नेटवर्क को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी की स्थिति की समीक्षा करते हुए आम लोगों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन और बरामद मोबाइल को जल्द वापस करने के निर्देश दिए।
पुलिसकर्मियों के कल्याण पर भी दिया जोर
बैठक के दौरान पुलिसकर्मियों की समस्याओं और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने नियमित पुलिस सभा आयोजित करने, कार्यस्थल की समस्याओं का समाधान करने और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करने का निर्देश दिया।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों से भी की मुलाकात
अपने पलामू दौरे के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्र ने चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। व्यापारियों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और सुरक्षा संबंधी मुद्दों को उनके सामने रखा। डीजीपी ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
इस समीक्षा बैठक में आईजी अभियान सह प्रक्षेत्रीय आईजी पलामू नरेंद्र कुमार सिंह, सीआईडी आईजी अजय लिंडा, पलामू प्रक्षेत्र के डीआईजी किशोर कौशल, पलामू, गढ़वा और लातेहार के इसल समेत कई सीनियर पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
साइबर अपराध और संगठित अपराध पर चलेगा विशेष अभियान
बैठक में साइबर अपराध, मानव तस्करी, मॉब लिंचिंग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों और संगठित अपराध की भी समीक्षा की गई। डीजीपी ने कहा कि बदलते समय में साइबर अपराध बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। ऐसे अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए और विशेष अभियान चलाकर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लंबित मामलों में स्पीडी ट्रायल पर जोर
डीजीपी ने जिलों में लंबित कांडों और न्यायालयों में विचाराधीन मामलों की समीक्षा करते हुए गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर दोषसिद्धि दर बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं ताकि अपराधियों को जल्द सजा मिल सके।
नए कानूनों के प्रभावी अनुपालन के निर्देश
बैठक में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को नए कानूनों के प्रावधानों की गहन जानकारी रखने और अनुसंधान एवं अभियोजन की प्रक्रिया को नए कानूनी ढांचे के अनुरूप संचालित करने का निर्देश दिया।
सीसीटीवी नेटवर्क और मोबाइल बरामदगी की समीक्षा
डीजीपी ने जिलों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, उनकी कार्यशीलता और निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी नेटवर्क को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी की स्थिति की समीक्षा करते हुए आम लोगों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन और बरामद मोबाइल को जल्द वापस करने के निर्देश दिए।
पुलिसकर्मियों के कल्याण पर भी दिया जोर
बैठक के दौरान पुलिसकर्मियों की समस्याओं और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने नियमित पुलिस सभा आयोजित करने, कार्यस्थल की समस्याओं का समाधान करने और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करने का निर्देश दिया।
