रांची

परीक्षा या मजाक’ जेपीएससी की कार्यप्रणाली पर देवेंद्र नाथ महतो ने उठाए गंभीर सवाल

Ranchi: जेपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों से गरमाया माहौल, देवेंद्र नाथ महतो ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की
झारखंड लोक सेवा आयोग एक बार फिर विवादों के घेरे में है। बीते 19 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई सिविल सेवा परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, जिसे लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री कार्यालय और जेपीएससी को टैग करते हुए तीखे सवाल खड़े किए हैं और मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

महतो ने परीक्षा के दौरान सामने आई चार बड़ी खामियों को रेखांकित करते हुए आरोप लगाया कि उपस्थिति पत्रक में रोल नंबर अंकित करने हेतु निर्धारित बॉक्स की संख्या कम थी, जिससे परीक्षार्थियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। साथ ही, उन्होंने बायोमेट्रिक प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही का दावा करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों के आइरिस और अंगूठे के निशान वाले अटेंडेंस स्टिकर को नियमानुसार आयोग की प्रति में संलग्न करने के बजाय उनकी उत्तर पुस्तिका पर ही चिपका दिया गया।

इसके अलावा, प्रश्न पत्रों में टाइपिंग और स्पेलिंग की भारी त्रुटियां पाई गईं, जिसने प्रश्नों की स्पष्टता को प्रभावित कर छात्रों में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी। विवाद यहीं नहीं थमा, परीक्षा के 24 घंटे बाद जारी की गई उत्तर कुंजी में भी भारी अनियमितताएं थीं, जिसे लगभग 8 घंटे के भीतर ही हटाना पड़ा, जिससे अभ्यर्थियों के बीच गहरा असमंजस फैल गया।

गौरतलब है कि यह परीक्षा बीते रविवार को राज्य भर के 564 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 2,17,104 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे और प्रथम पाली में 1,10,973 जबकि द्वितीय पाली में 1,10,875 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। जेपीएससी का इतिहास पहले भी विवादों से भरा रहा है, ऐसे में देवेंद्र नाथ महतो ने इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और उच्चस्तरीय जांच की पुरजोर मांग की है।

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