रांची में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा से गूंजा भक्तिमय माहौल
रांची: रांची के चुटिया स्थित सेठ रामेश्वर लाल पोद्दार स्मृति भवन में सेठ रामेश्वर लाल पोद्दार भवन न्यास मंडल के तत्वावधान में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। इस अवसर पर नासिक की सुप्रसिद्ध कथा व्यास मां चैतन्य मीरा के श्रीमुख से श्रद्धालुओं को सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत पहले दिन प्रातः 9 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भक्ति भाव से नृत्य करते हुए पूरे उत्साह के साथ कथा स्थल तक यात्रा की। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा और अल्पाहार के माध्यम से यात्रियों का स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कथा स्थल पहुंचने के बाद संस्था के अध्यक्ष एवं मुख्य यजमान द्वारा विधिवत व्यासपीठ पूजन किया गया। इसके पश्चात कथा का शुभारंभ हुआ, जिसमें मां चैतन्य मीरा ने श्रीमद् भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका श्रद्धापूर्वक श्रवण जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला मार्गदर्शक है।
अपने प्रवचन में उन्होंने बताया कि श्रद्धा और नियमपूर्वक कथा सुनने से जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने भगवान भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को सृष्टि का पालनहार बताते हुए भक्ति और आध्यात्मिकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से पूरा परिसर गूंजायमान रहा। इस अवसर पर स्वामी सत्संग आनंद, महेश पोद्दार, संजीव विजय वर्गीय, अनूप दधीचि सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का सम्मान अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर किया गया।
मुख्य यजमान रघुनंदन टिबड़ेवाल ने परिवार सहित पूजा एवं आरती संपन्न की। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है।
सात दिवसीय इस कथा के माध्यम से रांची में भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जो आने वाले दिनों में भी लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
