झारखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू, 24 फरवरी को पेश होगा वार्षिक बजट, पेपरलेस कार्यवाही की शुरुआत
रांची, 18 फरवरी। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र बुधवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण के साथ औपचारिक रूप से शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर में राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और विधानसभा सचिव अविनाश कुमार ने बुके भेंट कर उनका स्वागत किया।
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही की शुरुआत करते हुए सभी सदस्यों का स्वागत किया और कहा कि यह बजट सत्र राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बजट सत्र केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह राज्य की भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों की रूपरेखा तय करने का मंच भी है।
अध्यक्ष ने जानकारी दी कि इस सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट सदन में रखा जाएगा। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि वे अनुदान मांगों, कटौती प्रस्तावों और नीतिगत सुझावों के माध्यम से सकारात्मक और तथ्य आधारित चर्चा सुनिश्चित करें।
इस बार के बजट सत्र की एक महत्वपूर्ण विशेषता विधानसभा की पेपरलेस कार्यप्रणाली की शुरुआत है। अध्यक्ष ने बताया कि नेशनल ई-विदान एप्लिकेशन (नेवा) परियोजना को आंशिक रूप से लागू किया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 11 फरवरी को नेवा सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया था। इसके तहत अब शून्यकाल से संबंधित सूचनाएं ऑनलाइन भेजी जाएंगी और आने वाले समय में प्रश्नोत्तर, कार्यसूची तथा अन्य दस्तावेज भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।
अध्यक्ष के संबोधन के बाद राज्यपाल ने अपना अभिभाषण दिया, जिसके साथ ही बजट सत्र की विधिवत शुरुआत हो गई। उल्लेखनीय है कि यह बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक चलेगा और इसमें कुल 17 कार्यदिवस निर्धारित किए गए हैं, जिनमें विकास, बजट और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
