लैंड फॉर जॉब मामले में लालू परिवार को 25 फरवरी तक कोर्ट में पेशी से छूट
नई दिल्ली, 29 जनवरी । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज एफआईआर के मामले में लालू परिवार को एक फरवरी से 25 फरवरी तक कोर्ट में पेशी से छूट दी है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान मीसा भारती और हेमा यादव कोर्ट में पेश हुए। स्पेशल जज विशाल गोगने ने इस मामले पर 9 मार्च से रोजाना ट्रायल करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने नौ जनवरी को लालू यादव समेत दूसरे आरोपितों के खिलाफ आरोप तय कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि लालू यादव ने इस मामले में सिंडिकेट बनाकर काम किया। 19 दिसंबर 2025 को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सभी आरोपितों से संबंधित वेरिफिकेशन रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी थी। सीबीआई ने कहा था कि इस मामले में 103 आरोपित हैं, जिसमें से पांच की मौत हो चुकी है। इससे पहले कोर्ट आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने पर दो बार फैसला टाल चुका है। 4 दिसंबर और 10 नवंबर 2025 को कोर्ट किसी न किसी वजह से फैसला टाल चुका है।
कोर्ट ने सीबीआई के मामले में आरोप तय करने पर 25 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले की आरोपित राबड़ी देवी ने प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज के समक्ष याचिका दायर कर जज विशाल गोगने की कोर्ट से दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी। प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज दिनेश भट्ट ने 19 दिसंबर को राबड़ी देवी की याचिका खारिज कर दिया था।
उच्चतम न्यायालय ने 18 जुलाई 2025 को ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। 7 अक्टूबर, 2022 को लैंड फॉर जॉब मामले में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत 16 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। ट्रायल कोर्ट ने 25 फरवरी 2025 को सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था।
