बजट 2026 की तैयारी पूरी : नॉर्थ-ब्लॉक में हुई हलवा सेरेमनी,1 फरवरी को पेश होगा पेपरलेस बजट
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारियों ने अब अंतिम चरण में प्रवेश कर लिया है। इसी क्रम में मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पारंपरिक हलवा समारोह में भाग लिया। यह समारोह हर वर्ष आम बजट से पहले आयोजित किया जाता है और इसे बजट निर्माण प्रक्रिया के लगभग पूर्ण होने का औपचारिक संकेत माना जाता है। केंद्रीय बजट आगामी 1 फरवरी को लोकसभा में पेश किया जाएगा।
हलवा समारोह का आयोजन राजधानी दिल्ली स्थित रायसीना हिल्स के नॉर्थ ब्लॉक में किया गया। नॉर्थ ब्लॉक वित्त मंत्रालय का ऐतिहासिक भवन है और दशकों से यहीं बजट से जुड़ी गोपनीय प्रक्रियाएं पूरी की जाती रही हैं। हालांकि वित्त मंत्रालय के अधिकांश विभाग सितंबर 2025 में कर्तव्य भवन-1 स्थित नए केंद्रीय सचिवालय परिसर में स्थानांतरित हो चुके हैं, लेकिन बजट की छपाई और उससे जुड़ी संवेदनशील गतिविधियां अब भी नॉर्थ ब्लॉक में ही की जाती हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि नए सचिवालय परिसर में फिलहाल बजट छापने की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
हर वर्ष बजट से पहले आयोजित होने वाला यह परंपरागत हलवा समारोह बजट निर्माण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान का प्रतीक होता है। इस अवसर पर एक बड़ी कढ़ाही में हलवा तैयार किया जाता है, जिसे उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को परोसा जाता है, जो सीधे तौर पर बजट तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल रहते हैं। इसके साथ ही बजट से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मियों के लिए “लॉक-इन” प्रक्रिया भी शुरू हो जाती है, जिसके तहत वे बजट पेश होने तक बाहरी संपर्क से दूर रहते हैं, ताकि बजट की गोपनीयता पूरी तरह बनी रहे।
समारोह के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट प्रेस का भी दौरा किया और बजट छपाई की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बजट निर्माण में लगे पूरे अमले की सराहना करते हुए कहा कि देश की आर्थिक दिशा तय करने में बजट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने बजट तैयार करने वाली टीम को उनके परिश्रम और समर्पण के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, वित्त मंत्रालय के विभिन्न विभागों के सचिव, वरिष्ठ अधिकारी और बजट निर्माण से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर आगामी बजट को देश की आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप और समावेशी बनाने पर जोर दिया।
पिछले कुछ वर्षों की परंपरा को जारी रखते हुए इस बार भी केंद्रीय बजट पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में पेश किया जाएगा। बजट से संबंधित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज—जैसे वार्षिक वित्तीय विवरण, अनुदान मांगें, वित्त विधेयक और अन्य सहायक कागजात—‘केंद्रीय बजट मोबाइल ऐप’ पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे आम नागरिकों, शोधकर्ताओं और नीति विशेषज्ञों को बजट संबंधी जानकारी तुरंत और आसानी से प्राप्त हो सकेगी।
हलवा समारोह के साथ ही यह स्पष्ट संकेत मिल गया है कि बजट 2026-27 के आंकड़े, प्रस्ताव और नीतिगत फैसले अब लगभग अंतिम रूप ले चुके हैं। अब देश की निगाहें 1 फरवरी को पेश होने वाले उस बजट पर टिकी हैं, जिससे आने वाले वित्त वर्ष में आर्थिक विकास, रोजगार, महंगाई नियंत्रण और सामाजिक कल्याण से जुड़ी दिशा तय होगी।
