आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन व मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना की राज्यस्तरीय समीक्षा
निजी स्वास्थ्य संस्थानों के HFR पंजीकरण और डिजिटल सॉफ्टवेयर उपयोग पर दिया गया जोर
रांची : स्वास्थ्य विभाग निदेशालय में सोमवार को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) एवं मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य अभियान निदेशक विद्यानन्द शर्मा पंकज ने की। इसमें सभी जिलों के नोडल अधिकारी, जिला डाटा प्रबंधक और परियोजना समन्वयक शामिल हुए।
समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न जिलों में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर निजी अस्पतालों, फार्मेसी, क्लीनिक और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) निर्माण की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। अभियान निदेशक ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों का HFR पंजीकरण अनिवार्य है। उन्होंने जिलों को निर्देश दिया कि निजी स्वास्थ्य संस्थानों को जागरूक कर शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन सक्षम सॉफ्टवेयर का उपयोग अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। इसके लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित कर सॉफ्टवेयर के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा सभी जिला सदर अस्पतालों में HMIS के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। ओपीडी, आईपीडी, ई-प्रिस्क्रिप्शन और डिस्चार्ज मॉड्यूल को पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित हो सके।
जिलों में अस्पताल परिसरों के अंतर्गत बीएसएनएल द्वारा वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अभियान निदेशक ने निर्देश दिया कि फरवरी माह तक सभी जिला अस्पतालों में बीएसएनएल सेवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा संबंधित सिविल सर्जन अपने स्तर पर सुनिश्चित करें।
समीक्षा बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत पिछले दो वर्षों में हुई उपलब्धियों की भी जानकारी साझा की गई। बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के संयुक्त निदेशक, बीएसएनएल एवं सीडैक के प्रतिनिधि सहित राज्यस्तरीय अधिकारी और अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।
