जामताड़ा में नववर्ष पर निकली भव्य श्याम निशान यात्रा

बाबा श्याम की भक्ति में डूबा शहर, जिलेवासियों की सुख-समृद्धि की कामना
जामताड़ा। नववर्ष 2026 के अवसर पर जामताड़ा जिले में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। जिलेवासियों की मंगल कामना और खुशहाली की प्रार्थना के साथ भव्य श्याम निशान यात्रा का आयोजन किया गया। इस पावन यात्रा का आयोजन जामताड़ा श्याम मंदिर कमेटी द्वारा किया गया, जिसमें बाबा श्याम के सैकड़ों भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
नववर्ष की पहली सुबह हटिया शिव मंदिर परिसर से श्याम प्रभु की निशान यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा के सबसे आगे भव्य रूप से सजे श्याम भगवान के रथ ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। रथ के पीछे हाथों में निशान पताका लिए भक्तों की लंबी कतारें चल रही थीं। ढोल, मंजीरा और भक्ति गीतों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते-नाचते नजर आए।
यह भव्य शोभायात्रा हटिया शिव मंदिर से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार, माता चंचला मंदिर चौक होते हुए श्याम मंदिर तक पहुंची। पूरे मार्ग में “जय श्री श्याम” और “श्याम प्रभु की जय” के गगनभेदी जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। रास्ते में स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया, वहीं कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई थी।
श्याम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष **सुभाष जाटिया** ने बताया कि इस निशान यात्रा का मुख्य उद्देश्य जामताड़ा जिले की जनता के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना है। उन्होंने कहा कि नया साल सभी के जीवन में खुशियां, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए, इसी भावना के साथ यह धार्मिक आयोजन संपन्न कराया गया।
निशान यात्रा में महिलाओं, बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में भक्ति गीत गाती हुई चल रही थीं, जबकि युवा वर्ग पूरे जोश और उत्साह के साथ बाबा श्याम की भक्ति में लीन नजर आया। बच्चों के चेहरों पर भी नए साल की खुशी और धार्मिक उत्साह साफ झलक रहा था।
यात्रा के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों की भी अहम भूमिका रही। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे यात्रा निर्विघ्न रूप से संपन्न हो सकी।
कुल मिलाकर, जामताड़ा में नववर्ष 2026 का आगाज श्याम प्रभु की भक्ति, आस्था और सामूहिक मंगलकामना के साथ हुआ। श्याम निशान यात्रा न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि जिले में आपसी सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश भी देती नजर आई।
