25 प्रखंड विकास पदाधिकारियों को मिले विभागीय वाहन, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने दिखाई हरी झंडी
वाहनों से विकास योजनाओं की निगरानी होगी तेज, अधिकारियों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने का निर्देश
रांची। ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज विभाग की ओर से राज्य के 25 प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को विभागीय वाहन उपलब्ध कराए गए। झारखंड मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में विभागीय मंत्री ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
योजनाओं की निगरानी और जनसमस्याओं के समाधान में आएगी तेजी
इस अवसर पर मंत्री ने सभी नवनियुक्त बीडीओ को बधाई देते हुए कहा कि इस पहल से विकास योजनाओं की जमीनी निगरानी, क्षेत्रीय निरीक्षण और आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान में तेजी आएगी। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारियों की कार्यशैली से सरकार की छवि बनती है। इसलिए टालमटोल की प्रवृत्ति से बचते हुए योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
शेष प्रखंडों को भी जल्द मिलेंगे वाहन
मंत्री ने कहा कि वाहन की कमी के कारण कई बार विकास योजनाओं की निगरानी प्रभावित होती थी। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से विभाग ने यह पहल की है। उन्होंने बताया कि शेष प्रखंडों में भी जल्द विभागीय वाहन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसआईआर, पेसा कानून और पंचायतों को मजबूत बनाने पर दिया जोर
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि वर्तमान में अधिकारियों पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्रामीण विकास योजनाओं के संचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने पंचायतों की आय के स्रोत बढ़ाने, डिजिटल पंचायत व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पंचायत स्तर पर अधिकाधिक नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम में विभाग के सचिव मनोज कुमार, अपर सचिव प्रेरणा दीक्षित, अपर सचिव अरुण कुमार सिंह, संयुक्त सचिव एस. अली खान सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
