पलामू में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत का खुलासा, आर्जीमोन युक्त सरसों तेल से फैला ड्रॉप्सी रोग

स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आई वजह, 195 घरों का सर्वे और 1,378 लोगों की हुई जांच
पलामू। पलामू जिले के पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में जिला स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद स्थिति स्पष्ट कर दी है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आर्जीमोन (कटैला/पीला धतूरा) के बीज मिले सरसों के तेल के सेवन से परिवार के सदस्य ड्रॉप्सी (Dropsy) रोग की चपेट में आ गए थे, जिसके कारण उनकी मौत हुई।
ड्रॉप्सी रोग बना मौत की वजह
सिविल सर्जन ने बताया कि सिक्का गांव निवासी कुलदीप महतो के परिवार द्वारा इस्तेमाल किए गए सरसों के तेल में आर्जीमोन के बीज मिले थे। इस तेल के सेवन से परिवार के सदस्यों को ड्रॉप्सी रोग हो गया। बीमारी के कारण पहले पैरों में सूजन आई, जो धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल गई और अंततः पांच लोगों की मौत हो गई।
195 घरों का सर्वे, 1,378 लोगों की जांच
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के 195 घरों का सर्वे किया और 1,378 लोगों की स्वास्थ्य जांच की। जांच के दौरान 56 लोगों के हाथ-पैर में सूजन मिलने पर उनके रक्त के नमूने लिए गए। हालांकि, इनमें ड्रॉप्सी रोग की पुष्टि नहीं हुई।
सरसों की फसल में मिल गए थे आर्जीमोन के बीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आर्जीमोन एक कांटेदार खर-पतवार है, जिसे स्थानीय भाषा में कटैला या पीला धतूरा कहा जाता है। सरसों की फसल की कटाई के दौरान इसके बीज सरसों में मिल गए और उसी से निकाले गए तेल का उपयोग किया गया। जांच के लिए अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी भेजे गए थे, लेकिन उनमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली।
पांच लोगों की हो चुकी है मौत, दो का इलाज जारी
गौरतलब है कि इस घटना में परिवार के मुखिया कुलदीप महतो की 19 जून को, उनकी बेटी बबिता कुमारी की 20 जून को, दूसरी बेटी इंदु कुमारी की 26 जून को, बहू श्वेता की 28 जून को तथा बेटे नकुल महतो की बाद में रांची स्थित अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार के दो अन्य सदस्यों का इलाज अभी भी जारी है। सभी में शरीर में सूजन आने के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने की शिकायत सामने आई थी।
