राँची : बंगाल के प्रख्यात समाज सुधारक राजा राममोहन राय की याद में रविवार को यूनियन क्लब व लाइब्रेरी के सभागार में एक स्मरण सभा का आयोजन किया गया. इसका आयोजन निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन की ओर से संयुक्त रूप से किया गया. विषय था स्मरणे बरोणे राजा राममोहन राय.
श्वेतांको सेन ने राय की जीवनी पर प्रकाश डाला
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए क्लब के सचिव श्वेतांको सेन ने राजा राममोहन राय की जीवनी पर प्रकाश डाला. संस्था की अध्यक्ष डॉ शुभ्रा चटर्जी, डॉ रत्ना राय एवं डॉ राम रंजन सेन ने उनके द्वारा स्थापित ब्राह्म समाज, सतीदाह प्रथा की समाप्ति सह कई विषयों पर प्रकाश डाला.
श्रुतिनाटक सहमरण का पाठ किया
करबी दत्ता द्वारा लिखित श्रुतिनाटक सहमरण का पाठ किया लेखिका और मिनति बनर्जी ने. तन्वी और विदिशा ने ब्रह्मसंगीत प्रणमि तोमारे चोलिबो नाथ (तुम्हें प्रणाम करते हुए आगे बढ़ेंगे) सुनाया. चैताली सरकारी, मौसमी भट्टाचार्या, रुमा चटर्जी, पारोमिता भट्टाचार्या, प्रभा डे, अनुराधा घोष एवं अपराजिता ने बिपदे मोरे रक्षा करो (तकलीफ में मुझे रक्षा करना)… सहित कई गीतों को आवाज दी.
अंजु ठाकुर ने स्वरचित कविता सुनाया. तबले पर संगत किया अशोक विश्वास ने. पूरे कार्यक्रम का संचालन किया डॉ शिप्रा भट्टाचार्या ने.