Pension Payment Case

Pension Payment Case : पेंशन भुगतान मामले में हाई कोर्ट नाराज, ट्रांसपोर्ट सचिव और डीटीओ को आदेश का अनुपालन करने का निर्देश

राँची

Pension Payment Case : झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) के न्यायमूर्ति एसके द्विवेदी की कोर्ट ने शुक्रवार को पेंशन भुगतान (Pension Payment) की अवमानना याचिका पर नाराजगी जताते हुए ट्रांसपोर्ट सचिव और डीटीओ रांची को कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने मामले की सुनवाई 17 फरवरी निर्धारित की है.

17 फरवरी तक आदेश का अनुपालन नहीं होता, तो सशरीर उपस्थित रहें

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगर 17 फरवरी तक कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं होता है तो पिछले ट्रांसपोर्ट सचिव राजेश कुमार शर्मा, वर्तमान ट्रांसपोर्ट सचिव के श्रीनिवासन और डीटीओ रांची अगली सुनवाई में कोर्ट में सशरीर उपस्थित रहेंगे.

Pension Payment Case : लाल बाबू की याचिका पर कोर्ट ने भुगतान का निर्देश दिया था

झारखंड हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता लाल बाबू प्रसाद के पेंशन भुगतान से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने तत्कालीन ट्रांसपोर्ट सचिव राजेश कुमार शर्मा को प्रार्थी को पेंशन का भुगतान करने का निर्देश दिया था, जिस पर ट्रांसपोर्ट सचिव ने कोर्ट को आश्वस्त किया था कि पेंशन की राशि का भुगतान करा दिया जाएगा.

ट्रांसपोर्ट सचिव का हुआ ट्रांसफर, वर्तमान सचिव ने अनुपालन नहीं किया

इसी बीच 19 दिसंबर, 2022 को उनका ट्रांसफर हो गया. इसके बाद वर्तमान ट्रांसपोर्ट, सचिव द्वारा कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया. इसपर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पिछली सुनवाई में ट्रांसपोर्ट सचिव राजेश कुमार शर्मा और डीटीओ रांची के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया था.

Pension Payment Case : कोर्ट ने राज्य सरकार की दलील नहीं मानी

कोर्ट में सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर कहा गया था कि राजेश कुमार शर्मा अभी ट्रांसपोर्ट सचिव नहीं है, उनका ट्रांसफर दूसरे विभाग में सचिव के रूप में किया गया है. इसलिए इस मामले से इनका नाम हटाया जाए, लेकिन कोर्ट ने राज्य सरकार की दलील को नहीं माना.

अगली सुनवाई में सशरीर उपस्थित रहने का निर्देश

पिछले ट्रांसपोर्ट सचिव राजेश कुमार शर्मा, वर्तमान ट्रांसपोर्ट सचिव के श्रीनिवासन तथा डीटीओ रांची को अगली सुनवाई में सशरीर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है. मामले में राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने पैरवी की.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *