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नीतीश कुमार ने राष्ट्रपिता को दी श्रद्धांजलि,  भाजपा से गठबंधन पर बोले-  उनसे कोई मतलब नहीं

बिहार

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्य तिथि पर राज्यपाल फागू चौहान एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पचक्र अर्पित कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर सीएम ने कहा कि बापू की पुण्य तिथि है. बापू सबको समझा रहे थे लेकिन उनकी हत्या कर दी गई. वे मुसलमानों की रक्षा करते थे इसीलिए उनकी हत्या कर दी गई. भाजपा के साथ वाले एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में भाजपा से गठबंधन का कोई मतलब नहीं.

हमें भाजपा के साथ जाना कबूल नहीं

सीएम ने कहा कि बापू की हत्या के बारे में नयी पीढ़ी के लोगों को बताना है, उन्हें याद रखना चाहिए. वे लोग इसे भुलवाना चाहेंगे. हमें भाजपा के साथ जाना कबूल नहीं है. लालू प्रसाद यादव के साथ क्या-क्या नहीं हुआ. हमको व्यक्तिगत कुछ नहीं चाहिए. मेरा निजी कोई स्वार्थ नहीं है. हमको कुछ नहीं बनना है. हम विपक्षी दलों की एकता चाहते हैं. हम सबके लिए काम करते हैं और करते रहेंगे. 17 साल से बिहार में काम कर रहे हैं और केंद्र में थे तब भी काम करते थे.

बापू को कभी कोई भुला नहीं सकता

सीएम ने कहा कि आज ही के दिन बापू की हत्या हुई थी. बापू को कभी कोई भुला नहीं सकता है. इसके लिए हम सबको अलर्ट कर रहे हैं. स्कूल-कॉलेज से लेकर हर जगह हम बापू की ही बात करते हैं. राष्ट्रपिता ने जो आजादी दिलायी इसलिए बापू के रुप में हमलोग उन्हें याद करते हैं. सीएम ने कहा कि बापू के किए गए हर काम को बिहार में नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा रहा है. गांधी जी ने जो सात सामाजिक पाप बताए हैं उसको सभी जगह हमने लिखवा दिया है और लोगों को इसके बारे में बताते भी हैं. बापू की एक-एक बात को नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचा देना है.

हमलोग तो श्रद्धेय अटल जी को मानने वाले

भाजपा से गठबंधन के सवाल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमसे अब गठबंधन का क्या मतलब है. हमलोग तो श्रद्धेय अटल जी को मानने वाले हैं. हमलोग उनके साथ थे, वे कितने अच्छे थे. उसके बाद हमलोगों ने भाजपा से नाता तोड़ लिया था. ये लोग बाद में पीछे पड़कर वर्ष 2017 में हमारे साथ आए, उनकी बात मानकर चले गए फिर हमलोग अलग हो गए. वर्ष 2020 में उन्होंने हमलोगों के साथ कितना गलत किया. हम उस समय मुख्यमंत्री बनना नहीं चाहते थे लेकिन जबरदस्ती मुझे मुख्यमंत्री बना दिया गया. हमने कहा था कि आपलोगों ने ज्यादा सीटें जीती हैं, आपलोग बनिए.

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