Vijay Chaudhary

अति पिछड़ों के साथ हकमारी नहीं होने देगी नीतीश सरकार : विजय चौधरी

बिहार

नगर निकायों में अति पिछड़े वर्ग के आरक्षण को रद्द करने संबंधी हाई कोर्ट के आदेश पर बिहार के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने गुरुवार को कहा कि इससे अति पिछड़े समाज के लोगों की हकमारी होगी.

अचानक उनका आरक्षण खत्म होना उचित नहीं

उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने 2006 में पंचायतों के लिए और 2007 में नगर निकायों में अति पिछड़ों के लिए आरक्षण का प्रावधान संबंधी कानून बनाया और तब से आज तक उसी आधार पर नगर निकायों के तीन चुनाव हो चुके हैं. इससे उस वर्ग के सामाजिक उत्थान एवं प्रगति का एक माहौल बना है.

फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने का निर्णय

आज अचानक उनका आरक्षण खत्म होना उचित नहीं प्रतीत होता है. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने का निर्णय लेकर अति पिछड़ों के अधिकार की रक्षा करने का कदम उठाया है.

पिछड़ों में अति पिछड़ों की पहचान करना ही ट्रिपल टेस्ट का मकसद

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में जिस ट्रिपल टेस्ट की बात है तो इन्हीं मापदंडों के मद्देनजर बिहार सरकार ने पिछड़े वर्ग में अति पिछड़े वर्ग की पहचान की. गंभीरता से देखा जाए तो पिछड़ों में अति पिछड़ों की पहचान करना ही ट्रिपल टेस्ट का मकसद है. इसी अवधारणा पर 15 साल पहले आरक्षण के इन नियमों की न्यायालय में भी समीक्षा की गई और इसे उचित माना गया था.

विजय चौधरी ने कहा कि भाजपा के नेताओं के बयान हास्यास्पद हैं एवं अति पिछड़े समाज के प्रति उनकी संवेदनहीनता को उजागर करते हैं. अति पिछड़ों की अलग पहचान बनाकर उन्हें समाज में सम्मानित करने का काम नीतीश कुमार ने ही किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा नेता के बयान तो उन्हें ही बेनकाब करते हैं.

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