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मणिपुर में हिंसा के बाद 8 जिलों में कर्फ्यू, आर्मी तैनात, इंटरनेट बंद, गृह मंत्री ने सीएम से की बात

राष्ट्रीय

मणिपुर में कल बुधवार को आदिवासी और गैर आदिवासी समुदाय के लोग भीड़ गये. इससे हालत बेकाबू हो गये. इसके बाद सरकार ने राज्य के 8 जिलों में कर्फ्यू लगा दिया है. आर्मी और असम राइफल्स के जवान तैनात कर दिए गये हैं. इंटरनेट और मोबाइल सेवा पांच दिनों के लिए बंद कर दी गयी है.

अमित शाह ने सीएम एन बीरेन से की बात

गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली. सीएम बीरेन सिंह ने आज सुबह एक वीडियो मैसेज जारी कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. इधर 7,500 लोगों को राहत कैंपों में शिफ्ट किया गया है.

हिंसा रोकने के लिए बॉक्सर मैरी कॉम ने केन्द्र से मांगी मदद

मणिपुर में मैतेई समुदाय को एसटी श्रेणी में शामिल करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन में भड़की हिंसा को लेकर बॉक्सर और पूर्व राज्यसभा सांसद मैरी कॉम काफी चिंतित हैं. मणिपुर राज्य में ये सब होते देख भारतीय महिला मुक्केबाज मैरी कॉम ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मदद मांगी है.

मैरी कॉम ने किया ट्वीट- हालात बहुत खराब, अच्छा महसूस नहीं कर रही

मैरी कॉम ने ट्वीट करके कहा कि अभी हालात बहुत खराब हैं. इसलिए वह अच्छा महसूस नहीं कर रही हैं. उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से इसके लिए कदम उठाने और राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपील की. उन्होंने यह भी कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस हिंसा में कुछ लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया.

राहुल गांधी ने की लोगों से शांति की अपील

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मणिपुर में हुई हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य के लोगों से शांति की अपील की है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को सामान्य स्थिति बहाल करने पर ध्यान देना चाहिए.

ट्वीट कर कहा- बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं

राहुल गांधी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि वे मणिपुर की तेजी से बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं. प्रधानमंत्री मोदी को शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने पर ध्यान देना चाहिए. हम मणिपुर के लोगों से शांत रहने का आग्रह करते हैं.

ऑल इंडिया ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन ने मार्च बुलाया था

ऑल इंडिया ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन ने बुधवार को ट्राइबल सॉलिडेटरी मार्च बुलाया था. इसी दौरान आदिवासी और गैर- आदिवासी समुदाय में आपस में भीड़ गये. आदिवासी समुदाय का विरोध गैर- आदिवासी मैतेई समुदाय को शेड्यूल ट्राइब (ST) का दर्जा दिया जाने की मांग को लेकर था.

हाईकोर्ट ने सरकार को दिया है निर्देश – मैतेई समुदाय की डिमांड पर विचार करे

मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मैतेई समुदाय की डिमांड पर विचार करे और 4 महीने के भीतर केंद्र को रिकमेंडेशन भेजे. इसी आदेश के बाद आदिवासी और गैर- आदिवासियों के बीच हिंसा शुरू हो गयी.

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