Jan Ramayan

जन रामायण महोत्सव को लेकर महायात्रा सम्पन्न,  अयोध्या में लगेगा साहित्यकारों का विशाल जमावड़ा

राँची

रांची : अयोध्या में आहूत श्री रामलला अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव जन रामायण को लेकर गत 3 अक्टूबर, महाष्टमी के दिन शुरू हुई जन रामायण महायात्रा लखनऊ होते हुए अयोध्या जानकी महल तक पहुँची और फिर वहाँ जनजागरण कर वापस राँची पहुँची.

जानकी महल में साहित्योदय कोर कमिटी की बैठक हुई

अयोध्या के जानकी महल में साहित्योदय कोर कमिटी की बैठक हुई जिसमें अध्यक्ष पंकज प्रियम, संजय करुणेश, मयंक श्रीवास्तव, मनीष देव गुप्ता और कई स्थानीय साहित्यकार शामिल हुए. आयोजन को लेकर रूपरेखा तैयार की गई. फिर कोर कमिटी के सदस्यों ने प्रभु श्रीराम और माता जानकी को निमंत्रित किया.

अयोध्या के युवराज और पद्मश्री मालिनी अवस्थी को आमंत्रित किया 

अगले दिन राज सदन जाकर अयोध्या के युवराज यतींद्र मिश्र से मुलाकात कर कार्यक्रम हेतु आमन्त्रित क़िया. इससे पूर्व लखनऊ में पद्मश्री मालिनी अवस्थी के आवास पर जाकर उन्हें बतौर विशिष्ट अतिथि आमन्त्रित किया. लखनऊ में साहित्योदय की एक बैठक भी हुई जिसका स्वागत दयानंद पाण्डेय ने किया. बैठक में डॉ बुद्धिनाथ मिश्र, पंकज प्रियम, संजय करुणेश, डॉ शोभा त्रिपाठी, साधना मिश्रा लखनवी और प्रेमलता त्रिपाठी इत्यादि शामिल हुए.

कई पुस्तकों का होगा भव्य विमोचन

साहित्योदय के संस्थापक अध्यक्ष कवि पंकज प्रियम ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय साहित्य कला संस्कृति संगम साहित्योदय के बैनर तले अयोध्या में आगामी 19-20 नवम्बर को श्रीराम लला अंतरराष्ट्रीय साहित्योत्सव का आयोजन किया जाएगा. अयोध्या के जानकी महल में आयोजित जन रामायण उत्सव में दुनियाभर के कवि, लेखक, साहित्यकार और कलाकारों का विशाल जमावड़ा लगेगा.

साहित्य समागम में प्रतिष्ठित साहित्यकार और कलाकार शामिल होंगे

इस मौके पर विश्व के सबसे अनूठे साझा महाकाव्य जन रामायण सहित कई पुस्तकों का भव्य विमोचन, कवि सम्मेलन, विचार गोष्ठी, सम्मान समारोह और साहित्यिक पर्यटन होगा. दो दिवसीय साहित्य समागम में देश के कई लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार और कलाकार शामिल होंगे. इस मौके पर विभिन्न क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को साहित्योदय रत्न सम्मान दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री के भी आने की संभावना

आयोजन की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार डॉ बुद्धिनाथ मिश्र करेंगे. कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित कई गणमान्य व्यक्तियों के पहुँचने की संभावना है. साहित्योदय के संस्थापक अध्यक्ष कवि पंकज प्रियम ने बताया कि जन रामायण स्वयं में एक अनूठा साझा कव्यग्रन्थ है जिसमें विश्व के सौ से अधिक रचनाकारों ने मिलकर सहज, सरल और सरस जनभाषा में लिखा है.

जन रामायण पर साढ़े 26 घंटे का ऑनलाइन कवि सम्मेलन का रिकॉर्ड

इसको लेकर गत वर्ष 5-6 दिसम्बर को जन रामायण पर साढ़े 26 घण्टे का ऑनलाइन कवि सम्मेलन कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुका है. उन्होंने बताया कि साहित्योदय पिछले कई वर्षों से साहित्य कला और संस्कृति के प्रचार प्रसार में कार्य कर रहा है. कोरोना काल मे सबसे पहले और सर्वाधिक 2 हजार से अधिक ऑनलाइन कवि सम्मेलन/ काव्यपाठ/ सम्मान करवा चुका है. साहित्योदय प्रकाशन के तहत अबतक कई पुस्तकें छप चुकी है.

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