रांची

महावीर जयंती महोत्सव: भव्य शोभायात्रा के साथ गूंजा रांची, भक्ति में डूबे श्रद्धालु

रांची : भगवान महावीर जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रांची में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातः 6:30 बजे दिगंबर जैन मंदिर, अपर बाजार से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

प्रातः 5:00 बजे से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके बाद रथ पर विराजमान भगवान महावीर की अष्टधातु प्रतिमा का नगर भ्रमण कराया गया।

इस वर्ष का महोत्सव विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि श्रद्धालुओं को मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। साथ ही उनका 39वां दीक्षा दिवस बिरसा मुंडा फन पार्क में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विश्व शांति केवल भगवान महावीर के सिद्धांतों को अपनाकर ही संभव है।

रथ पर भगवान को विराजित करने का सौभाग्य महावीर प्रसाद संजय कुमार अजमेरा परिवार को मिला, जबकि सारथी के रूप में सुनील कुमार एवं अनील कुमार चांदूवाड़ परिवार ने जिम्मेदारी निभाई। विभिन्न धार्मिक कर्तव्यों में कई श्रद्धालु परिवारों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

शोभायात्रा के उपरांत प्रथम कलश चंचल जी एवं वंश जी टोंग्या परिवार को प्राप्त हुआ। यात्रा में महिलाएं केसरिया परिधान में तथा पुरुष एवं बच्चे विशेष वेशभूषा में भक्ति भाव से शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आरती उतारी एवं श्रीफल अर्पित किया।

भक्ति गीतों की मधुर प्रस्तुति ने वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया। “आज बड़ा ही शुभ दिन आया, झूम रहा जग सारा” जैसे भजनों ने सभी को भाव-विभोर कर दिया।

शोभायात्रा अपर बाजार जैन मंदिर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई वासुपूज्य जिनालय पहुंची, जहां अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई। इसके पश्चात यात्रा बिरसा मुंडा फन पार्क में सम्पन्न हुई, जहां 1 से 6 अप्रैल तक आयोजित होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां की गईं।

मार्ग में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। जैन पंचायत रांची ने सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर जैन समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। संध्या आरती के बाद जैन महिला जागृति द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नाटिका की प्रस्तुति दी गई, जिसने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।


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