Lease deed

लीज डीड स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज अन्य राज्यों की तरह समानांतर हो – चैंबर

राँची

रांची : झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के लॉजिस्टिक पार्क उप समिति की बैठक चैंबर भवन में संपन्न हुई. झारखंड में प्रभावी इंडस्ट्रीयल पार्क एंड लॉजिस्टिक पॉलिसी 2022 के प्रावधानों के कुछ प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की गयी.

इंडस्ट्रीयल पार्क एंड लॉजिस्टिक पॉलिसी 2022 पर चर्चा

चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि अब राज्य में निजी क्षेत्र के जो भी औद्योगिक या लॉजिस्टिक पार्क बनाये जायेंगे, उन्हें राज्य सरकार की इस नीति का लाभ मिल सकेगा. बैठक के दौरान सरकार द्वारा इस नीति के क्रियान्वयन हेतु गठित राज्यस्तरीय समिति में फेडरेशन चैंबर के एक प्रतिनिधि को बतौर सदस्य मनोनीत किये जाने की आवश्यकता महसूस की गयी.

विभाग से मिलकर जागरूकता कार्यशाला का होगा आयोजन

यह कहा गया कि समिति के माध्यम से चैंबर द्वारा उद्यमियों के समक्ष आनेवाली समस्याओं का निराकरण कराने में सुविधा होगी. यह सहमति बनायी गयी कि पॉलिसी के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा हेतु उद्योग विभाग से मिलकर चैंबर भवन में स्टेकहोल्डर्स के साथ एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन भी किया जायेगा.

बहुराष्ट्रीय कंपनियों के समक्ष होनेवाली कठिनाईयों पर भी चर्चा

अन्य प्रदेशों की अपेक्षा झारखण्ड में लीज डीड स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज की अधिकता के कारण बाहर से आनेवाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों के समक्ष होनेवाली कठिनाईयों पर भी चर्चा की गयी. उप समिति चेयरमैन अविराज अग्रवाल ने कहा कि झारखण्ड में 4 फीसदी वैल्यू ऑफ डॉक्यूमेंट पर स्टांप ड्यूटी और 3 फीसदी रजिस्ट्रेशन चार्ज का भुगतान करना पडता है जबकि उत्तराखण्ड, गुजरात, पश्चिम बंगाल, बिहार सहित अन्य प्रदेशों में यह शुल्क काफी कम है.

अन्य प्रदेशों में यह शुल्क काफी कम : अविराज अग्रवाल

स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज की अधिकता के कारण कंपनियों को भाडे पर अन्य प्रदेशों की अपेक्षा झारखण्ड में अधिक शुल्क का भुगतान करना पडता है. जिस कारण उपभोक्ता रजिस्ट्रेशन डीड में प्रताडित होते हैं. अब जब प्रदेश में लॉजिस्टिक पार्क पॉलिसी प्रभावी हो गयी है, ऐसे में आवश्यक है कि इस शुल्क में कमी की जाय.नोडल ऑफिसर को भी नियुक्त करने की मांग

साथ ही उन्होंने नीति के सुगम क्रियान्वयन हेतु विभाग द्वारा एक नोडल ऑफिसर को भी नियुक्त करने की मांग की जिससे उद्यमियों और विभाग के बीच समन्वय स्थापित हो सके. नॉन आरसीसी भवनों पर प्रति स्क्वॉयर फीट 14 फीसदी की दर से लेबर सेस का भुगतान करने की बाध्यता से होनेवाली कठिनाईयों पर भी चर्चा की गयी.

लेबर सेस का भुगतान एक समान होने से परेशानी

यह कहा गया कि यह केवल आरसीसी भवनों पर मान्य होना चाहिए. लेबर सेस का भुगतान एक समान होने के कारण परेशानी हो रही है. बैठक के दौरान मास्टर प्लान की विसंगतियों के साथ ही वेयरहाउस ऑनर्स एसोसियेशन के गठन पर भी चर्चा की गयी.

यह निर्णय लिया गया कि जल्द ही झारखण्ड चैंबर द्वारा उद्योग निदेशक से इन संपूर्ण मामलों पर वार्ता की जायेगी. आज की बैठक में चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री, उपाध्यक्ष अमित शर्मा, सह सचिव शैलेष अग्रवाल, उप समिति चेयरमेन अविराज अग्रवाल, सदस्य अभिषेक मोदी, आदित्य शाह, अपूर्व अग्रवाल, आदित्य मस्करा, गौरव सिन्हा, जियाउर रहमान, अंकुर जैन उपस्थित थे.

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