Koderma : हाई स्कूल की एक शिक्षिका सोमवार को एक बजे दिन से अपनी पांच माह की बच्ची के साथ अनशन पर बैठ गयी. जयनगर थाना अंतर्गत आरके प्लस टू उच्च विद्यालय लदबेदवा जयनगर में प्रतिनियुक्त शिक्षिका बेबी सिंह महापात्रा दूधमुहीं बच्ची के साथ जब अचानक जमीन पर बैठ गयी तो लोगों की भीड़ जुटी. मीडिया के लोग भी वहां पहुंचे, तो पूरे मामले का खुलासा हुआ.
Koderma : शिक्षिका मूल विद्यालय ढाब जाना चाहती है
शिक्षिका के अनुसार वह अपने मूल विद्यालय यूपीजी प्लस टू उच्च विद्यालय ढाब जाना चाहती है. इस आलोक में इन्होंने उपायुक्त आदित्य रंजन से मिलकर आवेदन भी दिया. उपायुक्त ने गत 21 दिसम्बर को ही आदेश संख्या 6753 बी के जरिये डीईओ को प्रतिनियोजन समाप्त करने को कहा. परंतु अभी तक यह नहीं हो पाया और जब भी शिक्षिका डीईओ ऑफिस जाती हैं तो उन्हें गोल मटोल जवाब दिया जाता है कि कार्रवाई प्रक्रिया में है. थक हार कर सोमवार दोपहर एक बजे डीसी ऑफिस तथा डीईओ ऑफिस कोडरमा को जानकारी देते हुए अनशन पर बैठ गयी.
शिक्षिका का पहले के स्कूल के प्रधानाध्यापक के साथ हुआ था अनबन
जानकारी के अनुसार शिक्षिका पहले यूपीजी प्लस टू उच्च विद्यालय ढाब में पढ़ाती थी पर वहां के प्रधानाध्यापक के साथ अनबन हुआ था. आरोप है कि इनके साथ प्रधानाध्यापक का आचरण अच्छा नहीं था. इस कारण इन्होंने शिकायत की और उसी आधार पर प्रधानाध्यापक और शिक्षिका को अलग-अलग जगह पर प्रतिनियोजित कर दिया गया. शिक्षिका का कहना है कि मुझे प्रताड़ना के बाद तबादला के रूप में दंड दिया गया.
Koderma : शिक्षिका ने बताया- बच्ची के साथ 50 किमी जाना पड़ता है
शिक्षिका ने बताया कि उसकी महज पांच महीने की बच्ची है और प्रतिनियोजित स्कूल की दूरी आना जाना मिलाकर 50 किमी है. अब प्रधानाध्यापक को वहां से हटा दिया गया है तो फिर मुझे मूल विद्यालय में फिर से भेज दिया जाए.
डीईओ ने कहा- इनका काम प्रक्रिया में है
इधर इस आलोक में जब डीईओ अलका जायसवाल से बात की गयी, तो उन्होंने बताया कि पूर्व में शिक्षिका आरोप लगाकर विद्यालय से हटी और फिर वहीं जाना चाहती हैं. कोई भी काम प्रक्रिया से होता है, इनका काम भी प्रक्रिया में है. ऐसे में इनका धरना देना गलत है. पर इस प्रक्रिया में कितने दिन लगते हैं, इसपर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.