Karwa Chauth

भारतीय सनातन हिंदू संस्कृति में करवाचौथ व्रत सफल दांपत्य जीवन का सूत्र

राँची

रांची : भारतीय सनातन एकता मंच व पवित्रम गो सेवा परिवार के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि कार्तिक कृष्ण पक्ष के चतुर्थी तिथि को करवाचौथ का व्रत निर्जला उपवास करके पत्नियां अपने पति के सुख, शांति, समृद्धि और स्वस्थ्य लंबी आयु के लिए करती हैं.

दांपत्य जीवन का अर्थ पति- पत्नी तक सीमित न होकर संयुक्त परिवार तक

भारतीय सनातन हिंदू संस्कृति में करवाचौथ का व्रत उत्कृष्ट एवं सफल दांपत्य-जीवन का सूत्र है. दांपत्य जीवन का अर्थ मात्र पति पत्नी तक सीमित न होकर इसकी आकार संयुक्त परिवार की होती है. पति और पत्नी अपने-अपने कर्तव्यों, दायित्वों और अधिकारों से बंधे हुए होते हैं.

संबंध यदि प्रगाढ़ एवं सुदृढ़ हों, हर क्षेत्र में निर्माण संभव

गृहणी के मूल्य आधारित आदर्श होते हैं तो पुरुष को अपने अहम का परित्याग करना पड़ता है. तब जाकर कहीं स्वास्थ्य, सबल और सफल परिवार की परिकल्पना साकार हो पाती है, पति पत्नी के संबंध और पारिवारिक दांपत्य जीवन विश्वास के आधार पर टिका हुआ होता है. संबंध यदि प्रगाढ़ एवं सुदृढ़ हों तो हर क्षेत्र में निर्माण संभव हो जाता है. सुख शांति और समृद्धि का कल्पना साकार हो जाती है.

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