Lalan Singh

ईबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद  जदयू और भाजपा आमने-सामने, ललन सिंह ने लगाया आरोप- भाजपा आरक्षण विरोधी

बिहार

बिहार निकाय चुनाव में ईबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही जदयू और भाजपा आमने-सामने हैं. इसी बीच अब जदयू ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि भाजपा आरक्षण विरोधी है और आयोग बनवाकर आरक्षण के मामले को उलझाना चाहती है. गुरुवार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने सुशील मोदी को उनके पुराने कार्यकाल की याद दिलायी है.

सुशील मोदी को उनके पुराने कार्यकाल की याद दिलायी

ललन सिंह ने आज फेसबुक पर पोस्ट कर कहा है, 2007 में जब नगर निकाय में आरक्षण का कानून बना जिस पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर लगी उस समय के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी नगर विकास के मंत्री भी थे. तब से अबतक उसी कानून के अंतर्गत चुनाव हो रहे हैं और अब सुशील मोदी जी उसी पर सवाल उठा रहे हैं? वे महाराष्ट्र के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से इसको जोड़ रहे हैं और आयोग बनाने की बात कर रहे हैं, जिसका कोई औचित्य नहीं है.

सुशील मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर किया था ट्वीट

सुशील मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधे निशाना साधते हुए ट्वीट किया था, उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा था ‘अति पिछड़ों को नगर निकाय चुनाव में आरक्षण से वंचित करने के लिए नीतीश कुमार ज़िम्मेवार है. उन्होंने कहा कि मैंने तीन बार बयान देकर सरकार को चेतावनी दी थी कि बिना ट्रिपल टेस्ट के चुनाव मत कराइए. परंतु नीतीश कुमार किसी की सुनने को तैयार नहीं थे. जो फ़ज़ीहत हुई है उसके लिए केवल नीतीश ज़िम्मेवार हैं.’

आरक्षण पर बिहार में सियासत

उल्लेखनीय है कि पटना हाई कोर्ट ने बिहार में होने वाले नगर निकाय चुनाव पर रोक लगा दिया है. पटना हाईकोर्ट ने नगर निकाय चुनाव में ईबीसी आरक्षण पर फैसला सुनाया था. हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के नियमों का हवाला देते हुए निकाय चुनाव में ईबीसी आरक्षण की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद बिहार में नगर निकाय का चुनाव टल गया है. अब इस पर बिहार में सियासत होने लगी है.

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